एमडी की रडार पर कई अधिकारी और ठेकेदार
बुलंदशहर। बिजली उपकरण घोटाला मामले में सख्ती बरतने की तैयारी चल रही है। उस समय के भ्रष्ट अधिकारियों की सूची भी बनाई जा रही है। वहीं, इस मामले में कई बड़े ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड किए जा सकते हैं। उधर, बृहस्पतिवार को उपकरणों की गिनती पूरी हो चुकी है।
खुर्जा के गोदाम में मिले करोड़ों के बिजली उपकरण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शासन के आदेश पर एमडी पूरी तरह से सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। सूत्रों की माने तो शासन की ओर से जारी आदेश के बाद अंदरखाने तत्कालीन और वर्तमान भ्रष्ट बिजली अफसरों की सूची बनाई जा रही है। सूची बनने के बाद उन सभी की जांच आयोग द्वारा कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आदेश दिया गया है। वहीं, इस मामले में कुछ बड़े ठेकेदारों पर भी एमडी की निगाह टेड़ी बनी हुई है। अधिकारियों की मानें तो बगैर ठेकेदार के शामिल हुए इतना बड़ा घोटाला हो ही नहीं सकता है। इसमें अधिकारी और ठेकेदार पूरी तरह से संलिप्त होने की पूरी संभावना बनी हुई है। बताया जा रहा है कि बड़े ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड भी किए जा सकते हैं। यहां तक कि उनपर यह भी निगाह रखी जाएगी कि वह किसी और फर्म से पावर कारपोरेशन में कोई काम न ले लें। इस आदेश के बाद अफसरों और ठेकेदारों में अफरा- तफरी बनी हुई है। वहीं, बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार की देर शाम तक उपकरणों की गिनती की जा चुकी है। अब आगे की कार्रवाई के लिए अफसर आला अधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि खुर्जा निवासी एक व्यक्ति ने एमडी को शिकायत की कि खुर्जा के ही एक स्क्रैप व्यापारी के गोदामों में बिजली के उपकरण भरे पड़े हैं। जो बिजली के ठेकेदार या अफसरों से खरीदे हुए हैं। जिसपर एमडी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन एक्सइएन की टीम को छापेमारी करने के लिए भेज दिया। जिसमें एक्सइएन रेड धीरेंद्र कुमार, एक्सइएन एसपी टोंक, एक्सइएन गौरव कुमार और जेई जोगेंद्र सिंह रहे। शिकायत पर की गई छापेमारी में सुभाष रोड स्थित एक गोदाम में बिजली के उपकरण मिले। जिसमें लाइन खींचने समेत अन्य सामान उपस्थित था। सूत्रों की माने तो करीब 50 करोड़ रुपये का सामान गोदाम में भरा हुआ था। आरोप है कि जब टीम ने स्क्रैप व्यापारी से उन सामान के कागज मांगे तो वह कुछ ही सामान के कागज दिखा पाया। जिसको लेकर अफसरों की टीम संतुष्ट नही हो पाई और सामान की अपने सामने ही गिनती करनी शुरू कर दी।
उपकरणों की गिनती पूरी कर ली गई है। अब लेखा अधिकारी को बुलाकर उसका मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके बाद इसकी रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंप दी जाएगी। अग्रिम आदेश के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। - महेश उपाध्याय, एक्सईएन, मेरठ