बिजली गुल होने का कारण आपातकाल अघोषित कटौती नहीं बल्कि अफसरों का खेल है। शाबाशी लेने के लिए साहब बिजली गुल करा रहे हैं। शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति न करके मनमाने ढंग से आपूर्ति की जा रही है।
सिकंदराबाद का लाइनलॉस कम होने के बाद नगर क्षेत्र को 18 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र को 14 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले राजस्व बढ़ाने और थ्रू रेट मेंटेन रखने के लिए लोकल स्तर से जमकर कटौती कराई जा रही है। सिकंदराबाद नगर क्षेत्र को 18 घंटे की जगह महज 14 घंटे आपूर्ति की जा रही है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्र को 14 की जगह चार घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं द्वारा कारण पूछने पर इमरजेंसी रोस्टरिंग बताई जाती है। जबकि कटौती लोकल स्तर से कराई जाती है। एक्सईएन संदीप बंसल ने बताया कि जितनी बिजली उपर से मिल रही है, उतनी ही दी जा रही है। सभी बिजलीघर प्रभारियों को लोकल स्तर पर कटौती नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।