500 से अधिक गांवों में 16 घंटे तक बाधित रही बिजली आपूर्ति
बुलंदशहर। तेज हवा के साथ बुधवार देर रात तक झमाझम बारिश होने के कारण जिले भर में बिजली आपूर्ति बाधित रही। जिले के 500 से अधिक गांवों में 16 घंटे से भी अधिक बिजली सप्लाई बाधित रहने से लोगों को परेशानी हुई। शहरी क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक मोहल्लों में बार-बार ट्रिपिंग के कारण लोगों को निर्बाध बिजली सप्लाई नहीं मिल सकी।
शहरी क्षेत्र के राधा नगर, शास्त्री नगर, साठा, राम विहार, डीएम रोड, आवास विकास, पुलिस लाइन समेत अन्य क्षेत्रों में बुधवार रात से ही बिजली की ट्रिपिंग जारी रही। कई स्थानों पर बारिश के कारण फाल्ट हुआ तो कई स्थानों पर ब्रेकडाउन के कारण दिक्कत हुई। वहीं, खुर्जा तहसील क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के चलते बिजलीघर नंबर पांच से जुड़ी दो दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों और जंक्शन क्षेत्र में रातभर बिजली गुल रही। बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन कई मोहल्लों में आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई। वहीं, पहासू क्षेत्र में 56 गांवों में दूसरे दिन बुधवार को भी पूरी रात बिजली नहीं आई। लगातार दो दिनों से आपूर्ति ठप रहने के कारण लोग परेशान हो गए। विद्युत उपकेंद्र नंबर पांच पर 33 हजार की लाइन में फाल्ट आ गया। इसके कारण मोहल्ला न्यूशिवपुरी, ढोरी मोहल्ला, सूर्यलोक कालोनी, चमन बिहार, मुरारी नगर, किला समेत जंक्शन क्षेत्र और आसपास के गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। दोपहर बाद आपूर्ति सुचारु हो पाई। मोहल्ला तरीनान में बारिश के कारण विद्युत पोल गिर गया। इसके कारण वहां की आपूर्ति ठप हो गई थी।
इन क्षेत्र में विद्युत आपूति रही ठप
शिकारपुर में 14 घंटे से अधिक समय तक
खानपुर में 24 घंटे से अधिक समय तक
बुलंदशहर में चार घंटे से अधिक समय तक
खुर्जा में 15 घंटे से अधिक समय तक
पहासू में 48 घंटे से अधिक समय तक
कोट =
बड़ी संख्या में लाइनों में ब्रेकडाउन और फाल्ट के कारण लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। कर्मचारियों को भेजकर बिजली सप्लाई शुरू करा दी गई थी।
- अवधेश कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर बिजली निगम
बोले लोग =
बिजली कटौती का बुरा हाल है। थोड़ी सी आंधी बारिश आने पर फाल्ट हो जाता है। इसके बाद रात-रात भर बिजली गुल रहती है। इसके कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। - गीता तोमर
बुधवार पूरी रात बिजली न आने से गर्मी और मच्छरों ने सोने नहीं दिया। सुबह होने पर घर में पानी नहीं आया। ऐसे में बाहर जाकर हैंडपंप से पानी भरकर किसी तरह काम चलाया। - सुमन
रात 9 बजे से नगर की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप है। जिसके चलते घरों के इनवर्टर भी फेल हो गए। पीने के पानी के लिए भी लोगों को जूझना पड़ा है। गुरुवार दोपहर में जाकर विद्युत आपूर्ति सुचारु हो पाई है। - विजय कुमार मित्तल
बारिश के कारण गायब हुई बिजली का देर रात तक आने का इंतजार करते रहे। लेकिन विद्युत आपूर्ति चालू न होने के कारण पूरी रात मच्छरों के बीच गुजारनी पड़ी। अगले दिन बिजली सुचारु हो पाई है। - अनूप कुमार शर्मा
आये दिन हल्की सी बारिश के बाद ही नगर की विद्युत आपूर्ति ठप हो जाती है। विद्युत अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। उच्च अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। - पंकज जैन
रात भर बिजली सप्लाई बाधित रही जेई को कई बार फोन किया गया। लेकिन फोन अटेंड नहीं किया। पेयजल के लिए तरसना पड़ा। गुरुवार को विद्युत आपूर्ति चालू होने पर ही राहत मिली।
- चन्द्रमोहन
ऐंचाना में ग्रामीण का मकान भरभराकर गिरा
बुलंदशहर। गुलावठी के ग्राम ऐंचाना निवासी नौशाद पुत्र शब्बीर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। देर रात्रि में हुई बरसात में उसकी मकान भरभराकर गिर गया। बरसात के दौरान नौशाद एवं उसकी पत्नी शमा एवं तीन बच्चों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। मलबे में नौशाद का घरेलू एवं अन्य सामान दब गया। मकान गिरने से उसे काफी नुकसान हुआ है। नौशाद का मकान की छत गाटर व पटिये की पड़ी हुई थी। अब नौशाद का परिवार खुले आसमान में रहने को मजबूर है। राजस्व टीम ने मौका मुआयना किया है। वहीं, समाजसेवी मुनाफ अहमद, साजिद मुनाफ एवं अन्य ग्रामीणों ने पीड़ित नौशाद को उचित मुआवजे की मांग की है।
बारिश से गिरी गरीब की झोपड़ी
अनूपशहर। क्षेत्र के गांव मऊ में झोपड़ी में अपने बच्चों व बकरियों के साथ गुजर बसर कर रहे भूमिहीन मजदूर नहनी पुत्र टीकमसिंह की झोपड़ी तेज बरसात की चपेट में आकर गिर गई। वहीं, कस्बे के मोहल्ला अहारगेट में ललिता माता मंदिर के पास भी एक नाली की पुलिया बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हो गयी है, जिससे गली वालों को आने जाने में दिक्कत हो रही है। अहेरियों वाली गली के सामने भी मुख्य बाजार की सड़क भी सीवर लाइन वाली जगह से धंसने लगी है।
36 घंटे बारिश से गिरा तापमान, 128 एमएम बरसा पानी
बुलंदशहर। कृषि विज्ञान केंद्र से मिले आंकड़ों के अनुसार, जनपद में पिछले 36 घंटे से लगातार 128 एमएम बारिश हुई है। इस बारिश से अधिकतम तापमान 22 डिग्री पर पहुंच गया, लेकिन दोपहर बाद धूप निकलने के बाद 27 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 21 डिग्री रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 33 और न्यूनतम 23 डिग्री रहने की संभावना है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल का कहना है कि अभी बादल छाए हुए हैं। बारिश की भी अभी संभावना बन रही है।
बारिश से जगह-जगह हुआ जलभराव, बढ़ी परेशानी
बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के लोगों को जगह-जगह हुए जलभराव से परेशानी का भी सामना करना पड़ा। नगर में बृहस्पतिवार सुबह तक ईदगाह रोड स्थित गली, नुमाईश मैदान, कालाआम, कलक्ट्रेट परिसर के गेट, धमेड़ा अड्डा, टीचर्स कालोनी भूड़ क्षेत्र और साठा समेत कई जगह जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई। वहीं, दूसरी ओर सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों के बाद मरम्मत के नाम पर डाली गई मिट्टी से इस बारिश में मुश्किलें बढ़ गई। डिबाई में कोतवाली परिसर में पानी भर गया। नगर पालिका परिषद ने सफाई कर्मचारियों से पंप चलाकर पानी की निकासी कराई। औरंगाबाद में बुधवार की सुबह से रुक रुककर हो रही बारिश से नगर के प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर के मुख्य गेट पर जलभराव हो गया।
कई स्थानों पर बारिश से बैठी सड़क, बने गड्ढे
बारिश में देवीपुरा प्रथम शास्त्री पार्क के निकट हाल ही में बनी सड़क बैठ गई। व्यापारी सुरक्षा फोरम के नगर अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, नगर महामंत्री संजय गोयल, नगर संगठन मंत्री पप्पू सैनी, नगर मंत्री परवेज अंसारी और नगर उपाध्यक्ष रमन शर्मा ने जल निगम से जनहित में नगर की गलियों और सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर जिला अस्पताल के सामने सहित कई स्थानों पर बारिश से सड़क बैठ गई और गड्ढे बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सब्जी की फसलों को हुआ नुकसान
खेतों में पानी भरने से सबसे ज्यादा नुकसान बेल वाली सब्जियों की फसलों को हुआ है, जबकि गन्ना और ज्वार आदि फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर बरसी है। वहीं, दानपुर स्थित सरकारी आलू फार्म में पानी भरने से तैयार किया जा रहा तरबूज और खरबूज का बीज खराब होने की संभावना बढ़ गई है। फार्म के प्रेक्षक अधीक्षक उमेश कुमार के अनुसार दोनों फसलों के लिए तैयार किए जा रहे बीज वाली फसल में करीब छह इंच पानी भर जाने से बीज खराब होने की संभावना बढ़ गई है।
क्रय केंद्रों पर भी भीगने से नहीं बचा गेहूं
औरंगाबाद/अनूपशहर। जिले हुई बारिश से कुछ क्रय केंद्रों पर खुले में रखा गया भीग गया है। औरंगाबाद नवीन मंडी में खुले में रखा गेहूं भीग गया। अफसरों ने बाद में गेहूं को किसी तरह से छत के नीचे रखवाया। मंडी समिति अनूपशहर परिसर में बनाये गये आरएफसी के गेहूं क्रय केंद्र पर चबूतरे पर खुले में रखा गेहूं हुई बारिश में भीग गया है। आरएससी स्टाफ ने खुले आसमान के नीचे रखे गेहूं के इन बोरों को बारिश से बचाने के लिये हल्की पिन्नी से ढक कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। वहीं, मामले को डिप्टी एआरएमओ ने गंभीरता से लेते हुए कार्यवाई करने की बात कही है।