वाणिज्य कर विभाग द्वारा पावर कारपोरेशन के खाते सीज कर दिए गए। खाते सीज होने से विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। वाणिज्य कर विभाग की कोर्ट ने पावर कारपोरेशन अफसरों को राहत देते हुए खाते चालू कराने के निर्देश दिए।
पावर कारपोरेशन में आरएपीडीआरपी योजना से संबंधित पुराना खाता था। वाणिज्य कर विभाग का संबंधित खाते पर करीब 75 लाख रुपये बकाया था। वाणिज्य कर विभाग की तरफ से पावर कारपोरेशन को पत्र लिखकर बकाया जमा करने के निर्देश दिए गए लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका।
इसके बाद वाणिज्य कर विभाग ने सर्किल प्रथम के खाते सीज कर दिए। खाते सीज होते ही कारपोरेशन अफसरों में हड़कंप मच गया। निगम अफसरों ने वाणिज्य कर कोर्ट में इसको लेकर याचिका दायर की।
कोर्ट में मामला चला जाने के बाद पावर कारपोरेशन को राहत मिल गई। कोर्ट ने खातोें से रोक हटाने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता एके चौधरी ने बताया कि कोर्ट के फैसले के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।