इलेक्ट्रॉनिक चाक मिलने से कुम्हार बनेंगे आत्मनिर्भर
बुलंदशहर। परंपरागत हुनर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कुम्हार सशक्तिकरण योजना चलाई है। योजना के तहत जनपद के कुम्हारों को 60 इलेक्ट्रॉनिक चाक दिए जाएंगे। विभाग के पास 10 चाक पहुंच गए हैं और अभी 50 चाक का इंतजार है। इसके बाद ही सभी को वितरित कर दिए जाएंगे।
केंद्र सरकार ने खादी ग्रामोद्योग आयोग के माध्यम से इस योजना को नई रफ्तार देते हुए कुम्हार समुदाय को आत्मनिर्भर भारत अभियान में अलग पहचान दिलाने की पहल की है। इसकी शुरूआत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जुलाई माह में 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक देकर की थी। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संजय सक्सेना ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक करीब 80 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें से 60 का चयन किया जा चुका है। अभी तक जनपद में 10 इलेक्ट्रोनिक चाक आ गए हैं। 50 चाकों का और इंतजार किया जा रहा है। सभी चाक आने के बाद पात्र आवेदकों को इसका वितरण कर दिया जाएगा। इसके लिए पहले सात दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सरकार कुम्हार कला को धार देने के लिए 10 लाख रुपये तक के लोन देने की भी व्यवस्था कर रही है। जनपद से अभी तक 12 लोगों ने आवेदन किया है।
कुम्हारों ने बर्तन बनाने के लिए मिट्टी की उठाई मांग
कुम्हार कला से जुड़े महेंद्र्र प्रजापति और राजेंद्र प्रजापति ने बताया कि जनपद में पहले बर्तन बनाने के लिए मिट्टी की कमी नहीं थी लेकिन इस समय मिट्टी तलाशने से भी नहीं मिलती है। इसके लिए जनपद के कुम्हारों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। उन्हाेंने शासन और प्रशासन से बर्तन बनाने के लिए मिट्टी उपलब्ध कराने की मांग की है।
जनपद से इलेक्ट्रॉनिक चाक के लिए 80 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें से 60 लोगों का चयन हुआ है। 10 चाक प्राप्त हो गए हैं, अन्य 50 चाक मिलते ही वितरित करा दिया जाएगा। सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पात्रों को देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैें। - संजय सक्सेना, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी।