खुर्जा। कोतवाली में कार्यरत पुलिसकर्मी ने चोरी का मोबाइल पीड़ित को वापस करने के लिए दावत के लिए रुपये की मांग की। पीड़ित ने 500 रुपये दिए तो पुलिसकर्मी ने और मांग की। इसके बाद मोबाइल दिए बिना पीड़ित को वापस भेज दिया और उप निरीक्षक से मिलने के लिए बोल दिया।
मुरारी नगर कॉलोनी निवासी विरेंद्र सैनी ने बताया कि उसकी पहासू अड्डा तिराहा के पास बिल्डिंग सटरिंग की दुकान है। 28 अप्रैल की सुबह पीड़ित ने अपनी दुकान खोली थी। इसी दौरान काउंटर पर मोबाइल रख दिया। इसके बाद अंदर काम करने लगा। कुछ देर बाद देखा तो वहां से मोबाइल गायब था। ऐसे में मोबाइल सिम बंद कराने और नया कनेक्शन के लिए एफआईआर की जरूरत थी। इसी के चलते पीड़ित ने यूपी कॉप वेबसाइट पर ऑनलाइन ई-एफआईआर के लिए शिकायत दी। इसमें 16 मई को खुर्जा कोतवाली में शिकायत पहुंची और मोबाइल चोरी में मुकदमा दर्ज हो गया।
पीड़ित विरेंद्र ने बताया कि शनिवार 3 अगस्त को उसके पास खुर्जा कोतवाली से फोन आया कि उसका चोरी हुआ मोबाइल मिल गया है। इस पर पीड़ित कोतवाली पहुंचा और वहां मौजूद अंदर कक्ष मेंं जानकारी ली। इसमें पुलिसकर्मी ने मोबाइल के बिल की मांग की। पीड़ित ने बिल दिखाया और ईएमआई नंबर का मिलान किया। पीड़ित ने मोबाइल नंबर की पहचान कर ली, जो उसी का था। इसके बाद एक पुलिसकर्मी उसको परिसर से बाहर लेकर आया। उसने पीड़ित से मोबाइल देने के लिए दावत की व्यवस्था करने को कहा। पीड़ित ने 300 रुपये दिए। इसमें पुलिसकर्मी ने और रुपये की मांग की। इस पर पीड़ित ने 500 रुपये दे दिए। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी ने रुपये वापस कर कहा कि इससे कुछ नहीं होगा। अब मोबाइल दारोगा ही देंगे। पीड़ित निराश होकर वापस आ गया।
इस संबंध में जानकारी नहीं है। इस विषय में जानकारी ली जाएगी। पीड़ित को मोबाइल उसको वापस कराया जाएगा। - भास्कर मिश्रा, सीओ खुर्जा।