वोट के लिए प्रलोभन देने के आरोप में रालोद नेता को पुलिस ने उठाया
बुलंदशहर/शिकारपुर। पत्नी के लिए ब्लॉक प्रमुख पद का नामांकन पत्र लेने गए राष्ट्रीय लोकदल नेता हुकुम सिंह को पुलिस ने वोट के लिए प्रलोभन देने की शिकायत पर हिरासत में ले लिया। जानकारी मिलते ही उनके समर्थकों ने शिकारपुर कोतवाली को घेर लिया। समर्थक कोतवाली में धरने पर बैठ गए। बाद में राज्य मंत्री अनिल शर्मा के एसएचओ आवास में बैठे होने की जानकारी होने पर महिलाएं भड़क गईं। महिलाओं ने एसएचओ आवास घेर लिया और आवास के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। शाम करीब पांच बजे नामांकन पत्र दिए जाने और हुकुम सिंह को छोड़ने के बाद महिलाएं वहां से हटीं।
शिकारपुर विकासखंड के गांव मुकेरा निवासी राष्ट्रीय लोकदल के नेता हुकम सिंह की पत्नी मोनिका सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। मंगलवार को हुकम सिंह अपनी पत्नी का ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन पत्र लेने के लिए शिकारपुर विकास खंड कार्यालय पहुंचे। लेकिन 12.30 बजे भी विकास खंड कार्यालय पर नामांकन पत्र नहीं मिला। इसी दौरान कोतवाली पुलिस उन्हें बिना कारण बताए कोतवाली ले आई। इसकी जानकारी पाकर भारतीय किसान यूनियन, राष्ट्रीय लोकदल और समर्थक महिलाएं कोतवाली पहुंच गई। महिलाओं ने हुकम सिंह को छुड़ाने की मांग करते हुए कोतवाली में धरना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री अनिल शर्मा एसएचओ आवास पर पहुंच गए। यह जानकारी जब महिलाओं और उनके समर्थकों को हुई तो वह आक्रोशित हो गए। उन्होंने अनिल शर्मा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसएचओ आवास के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एसएचओ दिनेश चंद शर्मा के बार बार समझाने के बावजूद महिलाएं टस से मस नहीं हुईं और हुकम सिंह की रिहाई की मांग जारी रखा और राज्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं। 3.45 बजे पुलिस ने हुकम सिंह को छोड़ दिया जिसके बाद ही महिलाएं वहां से हटीं। वहीं, नामांकन पत्र नहीं देने पर जिला मुख्यालय पर भी रालोद और सपा के नेताओं ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
हुकम सिंह के समर्थकों के आते ही हट गए भाजपाई
हुकम सिंह के कोतवाली पहुंचने के बाद ही कोतवाली में भाजपाई नेताओं का जमावड़ा हो गया। काफी देर तक रहने के बाद जब हुकम सिंह समर्थक और महिलाएं कोतवाली पहुंच गईं तो भाजपाई वहां से खिसक गए। बाद में हुकुम सिंह को पुलिस द्वारा छोड़े जाने के बाद ही भाजपाई एसएचओ आवास के बाहर पहुंचे और राज्यमंत्री को सीओ जेके रस्तोगी और एसएचओ दिनेश चंद शर्मा की सुरक्षा में शहर के बाहर तक छोड़ा गया।
विकास खंड कार्यालय में भी हुआ हंगामा
हुकम सिंह के कोतवाली से छूटने के बाद हुकुम सिंह अपने समर्थक और पत्नी के साथ विकास खंड कार्यालय पहुंच गए और मोनिका सिंह के लिए नामांकन पत्र देने की मांग प्रभारी खंड विकास अधिकारी जय भगवान शर्मा से की। जय भगवान शर्मा ने उन्हें बताया कि बुलंदशहर जिला मुख्यालय से अभी उन्हें नामांकन पत्र नहीं मिले हैं। लेकिन उनके समर्थक नामांकन पत्र देने की मांग पर अड़े रहे। करीब पौने चार बजे वह बुलंदशहर जाने के लिए अपनी कार में सवार होने लगे जिस पर महिलाएं आक्रोशित हो गईं और उनकी कार के आगे धरने पर बैठ गईं। उन्होंने बताया कि जब बुलंदशहर कार्यालय से नामांकन पत्र नहीं आए हैं तो वह नामांकन पत्र कहां से दें।
एसडीएम ने प्रभारी बीडीओ को जमकर फटकारा
शाम 5.00 बजे शिकारपुर खंड कार्यालय पहुंचे एसडीएम विनीत उपाध्याय ने प्रभारी खंड विकास अधिकारी जय भगवान शर्मा से नामांकन पत्र न देने पर नाराजगी जताई और प्रभारी बीडीओ को फटकार लगाई। उन्होंने नामांकन पत्र लेने वाले लोगों को नामांकन पत्र देने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नामांकन पत्र मिलना चाहिए। जिसके बाद मोनिका सिंह को दो सेट नामांकन पत्र दिए गए।
वोट के लिए प्रलोभन देने की दर्ज है रिपोर्ट
विकासखंड क्षेत्र के गांव हातमपुर निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य जीतू पुत्र ओमवीर सिंह द्वारा कोतवाली में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप लगाया गया है कि हुकुम सिंह ने फोन करके 70-80 हजार देकर वोट खरीदने का प्रलोभन दिया गया है। जिसके चलते हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
जितेंद्र कुमार रस्तोगी, सीओ शिकारपुर
नामांकन पत्र मिलने पर बोले-होगी लोकतंत्र की जीत
मोनिका सिंह को नामांकन पत्र मिलने के बाद उनके समर्थक एक स्वर में बोले कि लोकतंत्र की जीत होगी। सपा नेता राकेश शर्मा, पूर्व ब्लाक प्रमुख पिंटू चौधरी, भाकियू नेता योगेंद्र सिंह, दीपक चौधरी, अनुज चौधरी, नरेश चौधरी आदि ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। जनमत जिसके साथ होगा जीत उसी की होगी। ऐसे में भाजपा दूसरे दलों के प्रत्याशियों से चुनाव लड़ने से क्यों बचना चाहती है।