जेल में लिखी गई थी मौत के कारोबार की पटकथा
सिकंदराबाद। कोतवाली क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी में छह लोगों को मौत की आगोश में सुला देने वाली जहरीली शराब के कारोबार की पटकथा जिला कारागार में लिखी गई थी। कासना में अवैध शराब की फैक्टरी चलाने वाले मुख्य आरोपी मिंकू की मुलाकात उसके सहयोगी एवं सप्लायर मृतक सोनू उर्फ संतोष से बुलंदशहर कारागार में हुई थी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी में जहरीली शराब के सेवन से बीते दिनों सरजीत, कलुवा, सुखपाल, सतीश, पन्नालाल, भगवत की मौत हो गई थी। साथ ही 19 लोगाें का अभी भी जनपद के अलावा नोएडा, मेरठ के अस्पतालों में उपचार चल रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने रविवार की शाम ग्रेटर नोएडा के थाना क्षेत्र कासना में अवैध शराब बनाने की एक फैक्टरी में दबिश देकर मौके से दो शव और 36 पेटी अवैध शराब बरामद किया था। मृतकों की शिनाख्त जनपद के थाना अगौता क्षेत्र के गांव खंगावली निवासी सोनू उर्फ संतोष पुत्र नरेंद्र शर्मा, कोतवाली देहात के गांव बूचा नगर निवासी प्रदीप पुत्र देवराज के रूप में हुई थी। सीओ नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक सोनू उर्फ संतोष जुलाई 2019 में एससी-एसटी एक्ट के मामले में जेल गया था। अवैध शराब के कारोबार का मुख्य आरोपी मिंकू भी किसी मामले में बुलंदशहर जिला कारागार में बंद था। कारागार में दोनों एक ही बैरक में बंद थे। जहां दोनों की मुलाकात हुई। कारागार में ही दोनों ने अवैध शराब की पटकथा तैयार की। बताया कि मृतक सोनू उर्फ संतोष अवैध शराब तैयार करने के अलावा उसकी सप्लाई चेन भी देखता था। शराब के तैयार करने के बाद वह गांव-गांव अवैध शराब बेचने वाले एजेंटों को शराब की सप्लाई किया करता था।
पुलिस से बचने के लिए बदलते रहते थे जगह
ग्रेटर नोएडा के कासना से जहरीली शराब के काले कारोबार को संचालित करने के आरोपी शातिर किस्म के थे। पुलिस की नजरों से बचने के लिए वह जगह बदलते रहते थे। बताया गया कि उक्त फैक्टरी को उसने 23 दिसंबर 20 को 11 माह के एग्रीमेंट पर लिया था। पुलिस फैक्टरी स्वामी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीओ नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के दौरान प्रकाश में आया कि शराब के काले कारोबार के मुख्य आरोपी मिंकू ने उक्त फैक्टरी को 23 दिसंबर 2020 में 11 माह के एग्रीमेंट पर किराए पर लिया। जो एक जनवरी 2021 से लागू था। बताया गया कि जहरीली शराब के इस कारोबार की जड़ें काफी गहरी हैं। जो लंबे समय से संचालित हो रहा है। मगर मुख्य आरोपी शराब माफिया पुलिस को चकमा देने के लिए शराब बनाने की जगह को बदलता रहता था। बताया गया कि फैक्टरी मालिक दिल्ली के शाहदरा निवासी को कासना पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
एजेंटों को घर पर ही देते थे अवैध सप्लाई
सिकंदराबाद। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा से जहरीली शराब का कारोबार संचालित करने वाले मुख्य आरोपी मिंकू और उसके सहयोगी अवैध शराब निर्माण के स्थान के बारे में अपने एजेंटों तक को जानकारी नहीं देते थे। माफिया मिंकू के सहयोगी मृतक सोनू उर्फ संतोष, मृतक प्रदीप सप्लाई चेन को स्वयं संभालते थे। बताया गया कि अवैध शराब की खपत के लिए एजेंटों का चयन और उसकी सप्लाई दोनों देखते थे। एजेंट बनाने के बाद मृतक दोनों आरोपी एजेंटों को उनके घर पर ही जहरीली शराब की सप्लाई किया करते थे। सप्लाई के लिए वह अपने वाहनों का ही प्रयोग करते थे। आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई के लिए वह बाइक का प्रयोग करते थे। वहीं, दूरस्थ क्षेत्रों में कार का प्रयोग करते थे। पुलिस को चकमा देने के लिए वह अवैध शराब के एक गांव से दूसरे गांव पहुंचाया करते थे। वहीं, सड़क के रास्ते के बजाय जंगलों से होकर जाने वाले रास्ते का प्रयोग करते थे।
सप्लाई से पहले करते थे रास्ते की रेकी
सिकंदराबाद। वैध शराब की सप्लाई से पूर्व आरोपी रास्ते की रेकी किया करते थे। रास्ते पर उनके आदमी पहले से ही तैनात रहते थे जो रास्ते पर पुलिस की गश्त या अन्य किसी खतरे की पहले से ही जानकारी देते थे। रास्ते में तैनात किए गए व्यक्तियों से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद भी अवैध शराब की खेप आगे बढ़ती जाती थी और निर्धारित स्थान तक पहुंचती थी। संवाद