बुलंदशहर। लगातार बदल रहे मौसम के बीच सुबह और शाम को ठंडी हवाओं से लोगों को सर्दी का अहसास होने लगा है। ऐसे में बड़ों खासकर बुजुर्गों और बच्चों में बीमारियों की समस्या बढ़ने लगी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में इस समय मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। वहीं, चिकित्सक बचाव के तरीके भी बता रहे हैं।
जिला अस्पताल में इस समय बुजुर्गों और बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इनमें निमोनिया का खतरा बढ़ रहा है। रोजाना 80 से अधिक बच्चों के चेकअप के निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। इसके साथ बुखार, सर्दी-जुकाम समेत कई अन्य बीमारियाें से संबंधित 110 से अधिक मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में उपचार के साथ-साथ ठंड से बचाव की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों को सुबह-शाम गर्म कपड़े जरूर पहनाएं।
खान-पान में ठंडी चीजों से परहेज रखने की सलाह दी गई है। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डाॅ. परविंद्र सिंह ने बताया कि मौसम बदलाव की वजह से यह असर देखने को मिल रहा है। बताया कि सूरज की रोशनी ठंड में ज्यादा नहीं मिल पाती। इससे बैक्टीरिया ज्यादा बढ़ जाते हैं जो श्वास के जरिए प्रवेश कर जाते हैं और इंफेक्शन करते हैं।
इसको सही होने में छह से सात दिन लग जाते हैं। डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े जरूर पहने, ठंड से बचाव रखना बेहद जरूरी, गुनगुने पानी का सेवन करते रहें। साथ ही घरेलू तौर पर अदरक, काली मिर्च, तुलसी का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, यह बलगम को पतला करता है, लेकिन इसमें बच्चों और बड़ों की मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तबीयत ज्यादा खराब हो तो तुरंत डॉक्टर के पास बच्चों को लाएं।