पॉटरी नगरी यश भारती पुरस्कार से सम्मानित होने वाले हास्य कवि और व्यंगकार अशोक चक्रधर में कवि बनने के गुण बचपन से ही दिखाई दे रहे थे। एक बार तो उन्होंने गणित की परीक्षा में प्लस और माइनस पर ही कविता लिख दी थी।
उनके पड़ोसी और मित्र डॉ हर्षवर्धन ने बताया कि प्राइमरी क्लास में उन्होंने प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर कविता लिखी थी। इस कविता पर उन्हें नगर पालिका में पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया था।
वहीं बचपन में कवि गोष्ठी में कविता पढ़ने पर प्रभावित होकर पंजाब के कवि देवराज दिनेश ने 101 रुपये देकर पुरस्कृत किया था। एनआरईसी के प्राचार्य केडी शर्मा ने कहा कि उनकी कविताओं में खुर्जा और उनके बचपन के बीते पलों की छाया झलकती है।
वहीं उनके पिता भी एक जानेमाने कवि थे ऐसे में पॉटरी नगरी खुर्जा स्थित उनके घर में भी हिंदी साहित्य और कविता का पूरा माहौल मिला। नगर के एक सरकारी अस्पताल में वर्ष 1951 में अशोकचक्र धर का जन्म हुआ।
अहीरपाड़ा मोहल्ले में रहने वाले पिता राधेश्याम प्रगल्भ नगर स्थित एक इंटर कॉलेज में अध्यापक थे। वर्ष 1964 तक अशोक चक्रधर का बचपन खुर्जा में ही बीता।