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Bulandshahar News: महज 10 दिन में ही सूखने लगे पौधे

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बुलंदशहर। वन महोत्सव के तहत 22 जुलाई को जिले में रोपित किए गए 32 लाख से अधिक पौधे महज 10 दिन में ही सूखने लगे हैं। हर साल की तरह इस साल भी वन विभाग ने रिकॉर्ड बनाने के लिए पौधे रोप तो दिए लेकिन उन पौधों की देखरेख का इंतजाम नहीं किया गया। अमर उजाला टीम की पड़ताल में पौधे कहीं मुरझाए हुए मिले तो कुछ जगहों से रोपे गए पौधों का नामोनिशान ही गायब हो चुका है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक की की स्थिति एक जैसी ही है। यह स्थिति तब है जबकि अभी बारिश हो रही है। सोचिए बारिश का सीजन खत्म होने के बाद क्या होगा?
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दम तोड़ने लगे हैं पौधे
नगर के डीएवी फ्लाईओवर के नीचे 600 से अधिक पौधे रोपे गए हैं। इनमें से अधिकतर सूखने लगे हैं। रोपण के बाद पौधों में पानी तक नहीं डाला गया। कुछ दिन यही स्थिति रही तो सभी पौधे सूख जाएंगे। यह हालात तब हैं जब विकास भवन के सभी अधिकारी इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं।

टूट गए पौधे और ट्री-गार्ड
चोला क्षेत्र के गांव कोंदू स्थित वृहद गोशाला में प्रशासनिक अधिकारियों और विधायक ने पौधे रोपित किए थे। यहां पर पौधों को बचाने के लिए ट्री-गार्ड भी लगाए गए। गांव के शहीद अशोक के नाम पर इस स्थान का नाम भी अशोक वन रखा गया। यहां भी अधिकतर पौधे और ट्री-गार्ड टूट गए हैं। पौधों की पत्तियां गायब हो गईं।
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अब कोई सुध लेने वाला नहीं
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव नयागांव में राज्य मंत्री दिनेश खटीक, डीएम, डीएफओ और विधायक समेत अन्य अधिकारियों ने पौधे रोपित कर वन महोत्सव की शुरुआत की थी। यहां लगाए गए अधिकतर पौध सूखने लगे हैं। पौधों की पत्तियां गायब हो चुकी हैं। घास ने अधिकतर पौधों को दबा लिया है। अब इन पौधों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

कमिश्नर के लगाए पौधे भी सूखने लगे
गुलावठी मेंं पंचवटी वाटिका में कमिश्नर समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधे रोपे थे। यहां देखरेख का इंतजाम नहीं है। अधिकतर पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। जिन दो पौधों को कमिश्नर ने रोपे थे वह भी दम तोड़ने की कगार पर पहुंच गए हैं।

टीम करेगी निगरानी
डीएफओ विनीता सिंह का कहना है कि इस बार रोपित किए गए पौधों को बचाने की जिम्मेदारी लगाने वाले सभी 26 विभागों के अधिकारियों की होगी। शासन ने रोपित किए गए पौधाें की जांच के लिए टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। यह टीम प्रत्येक माह सभी विभागों की ओर से लगाए गए पौधों की स्थिति का पता कर वन विभाग को रिपोर्ट देगी। पौधों की देखभाल में कमी पाए जाने पर संबंधित विभाग के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। डीएम से बात कर जल्द ही टीमों का गठन करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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