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Bulandshahar News: महिला पर पिटबुल ने बोला हमला, हालत गंभीर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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अहार/बुलंदशहर। जिलेभर में कुत्ते काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार को गांव बनवारीपुर निवासी एक महिला को पिटबुल नस्ल के कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया। महिला के कंधे से लेकर पैरों तक कई जगह जख्म होने पर जहांगीराबाद सीएचसी से एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने के बाद चिकित्सक ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। सोमवार को जिला अस्पताल में कुल 249 को एआरवी लगाई गई।



रविवार को अहार क्षेत्र के गांव बनवारीपुर निवासी समाजसेवी धर्मेंद्र सिंह की पत्नी रतनपाली देवी किराने की दुकान पर सामान लेने गई थी। बेटे दीपक ने बताया कि रतनपाली सामान लेकर घर आ रही थीं, तभी पड़ोसी के पिटबुल कुत्ते ने उन पर हमला बोल दिया। हमले में वह नीचे गिर पड़ीं और कुत्ते ने उनके शरीर पर पांच से छह जगह काट लिया। उन्हें किसी तरह लोगों ने बचाया। जहांगीराबाद सीएचसी में एआरवी लगाने के बाद चिकित्सक ने उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया। सोमवार को दिल्ली के सफरदरजंग अस्पताल में एंटी रेबीज सीरम लगवाई।
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पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले



पिटबुल कुत्ते के हमले का मामला इससे पूर्व भी जिले में हो चुका हैं। पिछले साल अप्रैल में गुलावठी क्षेत्र के फकाना में पिटबुल ने 12 साल के करन को जख्मी कर दिया था। इसके बाद नगर के कृष्णानगर निवासी मालिक विनोद को भी पिटबुल ने काटकर घायल कर दिया था। वहीं, इसी सा जनवरी में मोहनकुटी निवासी 17 वर्षीय मनीष को कुत्ते ने हाथ व पैरों में काटकर जख्मी कर दिया था।



काफी खतरनाक होता है पिटबुल



जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ.पंकज उपाध्याय ने बताया कि पिटबुल कुत्ता अन्य कुत्तों के मुकाबले काफी खतरनाक होता है। पिटबुल कुत्ते के काटने के बाद सभी को खून की जांच करानी चाहिए। जांच रिपोर्ट में अगर कोई कमी मिलती है तो उपचार किया जा सकता है। पालतू कुत्तों को भी समय-समय पर टीका लगवाना चाहिए। फार्मासिस्ट अरुण यादव ने बताया कि नगर समेत जिलेभर में कुत्ते काटने के कई मामले सामने आ चुके हैं। प्रतिदिन 150 से अधिक लोगों को एआरवी लगाकर दवा दी जाती है। सोमवार को 249 लोगों को एआरवी लगाई गई।



प्रशासन के पास जिले में कुत्तों की नस्ल का कोई आंकड़ा नहीं



शहर से लेकर गांव-देहात में 50 हजार से ज्यादा कुत्ते हैं लेकिन, प्रशासन के पास यह आंकड़ा नहीं है कि कुत्ता कौन सी नस्ल का हैं। पिटबुल नस्ल के कुत्ते को पालने पर पाबंदी है। कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के कुत्ता नहीं पाल सकता। इनको पालने के लिए लाइसेंस लेना होता है। शासन ने पूर्व में पिटबुल के काटने से हुई मौत के बाद निर्देश जारी किया था कि कुत्तों को सार्वजनिक स्थान पर ले जाने से पहले उनके मुंह पर मुखौटा लगाना अनिवार्य होगा, ताकि वो किसी को काट न सके। साथ ही एक मकान मालिक सिर्फ एक ही कुत्ता पाल सकेगा। अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा लेकिन, नगर निकाय और पशुपालन विभाग से किसी ने भी कुत्ता पालने की अनुमति नहीं ली है।
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सीएमओ डॉ.विनय कुमार सिंह ने बताया कि सभी सरकारी चिकित्सालयों पर एआरवी का टीका लगाने की सुविधा उपलब्ध हैं। प्रतिदिन सभी सरकारी चिकित्सालयों पर लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
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