जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बच्चे को एआरवी लगाते फार्मासिस्ट। संवाद
बुलंदशहर। खतरनाक प्रजाति के पालतू कुत्तों के हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। अब पिटबुल के हमले में दो बच्चे घायल हो गए हैं। दोनों को जिला चिकित्सालय में वैक्सीन लगाई गई। यही नहीं, शनिवार को जिला चिकित्सालय की ओपीडी में चार मरीज एआरएस व 150 एआरवी लगवाने पहुंचे। इनमें से अधिकांश को पालतू कुत्तों और बिल्ली ने काटा है।
अनूपशहर क्षेत्र स्थित गांव तोरई निवासी त्रिलोक चंद के परिवार ने पिटबुल प्रजाति का कुत्ता पाल रखा है। बृहस्पतिवार शाम त्रिलोक चंद का 13 वर्षीय पुत्र प्रियांश घर में खेल रहा था, तभी कुत्ता उस पर झपट पड़ा। प्रियांश ने बताया कि कुत्ते ने पैर पर दो जगह काटा है। शुक्रवार को परिजन उसे लेकर अनूपशहर सीएचसी पहुंचे तो एआरवी लगाने के बाद एआरएस लगवाने के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। शनिवार को उन्होंने जिला चिकित्सालय की ओपीडी में एआरएस लगवाई।
वहीं, शांति नगर निवासी 11 वर्षीय यशवी को भी पालतू पिटबुल ने काट लिया। इसके अलावा बड़ी मामन निवासी तफ्सील के आठ वर्षीय पुत्र अयान को एक निराश्रित कुत्ते ने पीछे से हमला कर घायल कर दिया। अयान की पीठ पर जख्म है। इनको भी जिला चिकित्सालय में उपचार दिया गया।
शनिवार को ओपीडी में 70 वर्षीय कृपा देवी, 13 वर्षीय शानू और 12 वर्षीय प्रियंका को भी जख्म गहरा होने पर एआरएस लगाई गई। वहीं, जहांगीराबाद से एक महिला अपने ढाई साल के पुत्र उबेर को कुत्ते के काटने के एक माह बाद एआरएस लगवाने पहुंची, लेकिन टीकाकरण की समयसीमा समाप्त हो जाने के कारण महिला को वापस भेज दिया गया।
शनिवार को जिला चिकित्सालय की ओपीडी में चार को एआरएस और 150 को एआरवी लगाई गई। अधिकांश मामले पालतू कुत्तों व बिल्ली के काटने के रहे।
-डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय