शिकारपुर। पाइप लाइन चोरी होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा 150 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट दो माह से बंद पड़ा है। कार्यदायी संस्था से शिकायत करने के बाद भी अब तक पाइप लाइन सही नहीं की गई है। नतीजतन, मरीजों को कंसन्ट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए सीएचसी परिसर में डीएलएफ कंपनी द्वारा 150 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। विभाग की ओर साइरस कंपनी द्वारा ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पांच लाख रुपये की लागत से पाइपलाइन आदि का कार्य कराया गया। कंपनी ने प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन देने के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया।
इसके बाद से समय-समय पर ऑक्सीजन प्लांट का संचालन कर मरीजों को ऑक्सीजन दी गई। 10 नवंबर की रात चोरों ने ऑक्सीजन प्लांट से 50 से 55 फीट लंबी पाइप लाइन को चुरा लिया। तब से सीएचसी में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित है।
कार्यदायी संस्था को दी गई सूचना
सीएचसी परिसर में पाइप लाइन बिछाने वाली कार्यदायी संस्था को पाइप लाइन चोरी की सूचना भेज दी गई। कई बार कंपनी के कर्मचारियों को अवगत कराया गया लेकिन अभी तक कार्यदायी संस्था का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं आया।
कोतवाली शिकारपुर में अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद कार्यदायी संस्था को पाइप लाइन लगाकर ऑक्सीजन प्लांट को चालू करने के लिए पत्र लिखा गया। अभी तक ऑक्सीजन पाइप लाइन नहीं लगाई गई है। इसके चलते अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित है। गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए कंसन्ट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर का उपयोग किया जा रहा है। - डॉ. शशि शेखर सिंह, सीएचसी प्रभारी शिकारपुर