दूध प्लांट के पाइप लाइन की सफाई करते समय पैकिंग मशीन का पाइप निकलने के कारण गर्म पानी से चार कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए। हालत बिगड़ने पर प्रबंधन ने उन्हें सीएचसी सिकंदराबाद भर्ती कराया, जहां से सभी को बुलंदशहर रेफर किया गया। वहां से दो कर्मियों को नोएडा रेफर किया है।
वहीं सूचना पर एसडीएम और सीओ ने घटनास्थल का मुआयना किया। औद्योगिक क्षेत्र में आईपीएल (इंडियन पोटाश लिमिटेड) का दूध प्लांट है। प्लांट मदर डेरी के लिए भी दूध की पैकेजिंग करता है।
शहदापुर गांव, थाना ओरास, जिला उन्नाव निवासी कर्मचारी मनीष पुत्र सोहनलाल, विवेक पुत्र कस्तूरी, तारा सिंह पुत्र सरदार और मैनपुरी निवासी आनंद पुत्र ब्रहमानंद ने बताया कि वह शनिवार सुबह प्लांट की पैकिंग यूनिट में काम कर रहे थे।
पैकिं ग से पूर्व पाइप लाइनों की मशीन द्वारा गर्म पानी में कास्टिक मिलाकर सफाई की जाती है। बताया कि सुबह करीब 10.00 बजे सफाई के दौरान पैकिंग मशीन का पाइप निकलने से कास्टिक मिले गर्म पानी की चपेट में आकर चारों झुलस गए।
कर्मचारियों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए प्रबंधन ने उन्हें तुरंत उपचार के बजाय घंटो प्लांट में बैठाए रखा। बाद में एक अपंजीकृत डाक्टर को बुलाकर उपचार कराया। हालत बिगड़ने पर प्रबंधन ने उन्हें सीएचसी सिकंदराबाद भर्ती कराया।
जहां सभी को बुलंदशहर रेफर कर दिया। विवेक, तारा सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें नोएडा रेफर किया गया। सूचना पर एसडीएम, अतुल कुमार, सीओ धमेंद्र कुमार, कोतवाल जितेंद्र कुमार पहुंचे।
नाबालिगों से कराया जा रहा काम
आईपीएल प्लांट में नाबालिगों से काम कराया जा रहा है। लैब में उपकरणों की धुलाई करने वाले फरूखाबाद निवासी श्याम सिंह पुत्र पूरन सिंह (17) आरा बिहार निवासी संतोष कुमार(16) पुत्र विनोद कुमार ने बताया कि वह ठेकेदार के अंडर में सात हजार रुपये प्रति माह प्लांट में काम करते है।
इन दोनों के अलावा में प्लांट में बहुत से नाबालिग कर्मचारी काम करते हैं। एसडीएम अतुल कुमार का कहना है कि प्लांट में नाबालिगों द्वारा काम कराया जा रहा है। प्रबंधन के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।