कोरोना काल में एक साल से आर्थिक तंगी झेल रहे फोटोग्राफर
बुलंदशहर। कोरोना काल में पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू के कारण फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करने वाले दुकानदारों की हालत खस्ता हो गई है। एक वर्ष से अधिक समय से चल रहे कोरोना काल के दौरान शादी-समारोह में सीमित लोगों के शामिल होने के चलते आयोजकों द्वारा कम मांग की जा रही है। जिससे जनपद में फोटोग्राफी का काम बंदी की कगार पर आ गया है। आर्थिक परेशानी के चलते कई फोटोग्राफर अपनी आजीविका चलाने को अन्य कार्य शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान देश में लॉकडाउन लागू किया गया तो आवश्यक सेवाओं को छोड़ अन्य कार्य लॉक हो गए। अनलॉक शुरू होने के दौरान शादी-समारोह आदि पर भी शासन द्वारा कई तरह की पाबंदियां लगा दी गईं। पाबंदी के बीच कई लोगों ने शादियां टाल दीं, लेकिन कुछ लोगों ने कोविड नियमों का पालन कर शादी-समारोह का आयोजन किया। जिसमें मेहमानों की संख्या कम होने के कारण अधिकांश लोग फोटोग्राफर के बिना ही शादी का आयोजन कर रहे हैं। अनलॉक के बाद फोटोग्राफर के चेहरों पर थोड़ी मुस्कान नजर आई लेकिन अब दो माह पूर्व से शुरू हुई दूसरी लहर के दौरान शासन द्वारा कोरोना कर्फ्यू का आदेश जारी करने के साथ शादी-समारोह में लोगों की संख्या फिर सीमित कर दी गई। जो अभी भी जारी हैं। इस बीच बहुत कम लोग ही शादी-समारोह में फोटोग्राफी कराना पसंद कर रहे हैं।
बोले फोटोग्राफर
अब नहीं हो रहा गुजारा
फोटो और वीडियोग्राफी से ही एलबम और मिक्सिंग का काम चलता है। फोटोग्राफी नहीं होने के कारण मिक्सिंग का कार्य भी नहीं आ रहा हैं। साथ ही लोग अब कम संख्या में आयोजन को कर रहे हैं। ऐसे में कार्य बदलने पर विचार कर रहा हूं। अब काम नहीं चल रहा है।
राजीव कुमार, स्टूडियो संचालक
अब नहीं आ रहे काम
इंडोर व आउटडोर दोनों ही तरह के काम करने वाले कार्य कोरोना के चलते कम हो गए हैं। एक साल से अधिक समय से अधिकांश फोटोग्राफर हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। - नरेंद्र कुमार, फोटो एवं वीडियोग्राफर
कोरोना के चलते एक साल पूर्व से काम काफी कम हो गया हैं। जिससे फोटोग्राफरों का काम प्रभावित चल रहा हैं। काम नहीं मिलने से परिवार का खर्चा चलाने में भी काफी फोटोग्राफरों को परेशानियां आने लगी हैं। - बाबू कुमार, स्टूडियो संचालक
कोरोना के चलते सीमित शादियां ही की गई। ऐसे में अधिकांश लोग फोटोग्राफी या वीडियो बनवाना उचित नहीं समझ रहे हैं। करीब सवा साल से फोटोग्राफी का काम बंदी की कगार पर आ गया हैं। - सन्नी कुमार, स्टूडियो संचालक