वेतन विसंगति समेत कई अन्य मांगों को लेकर जिलेभर के फार्मासिस्ट कार्य बहिष्कार पर उतर गए हैं। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों ने तीन घंटे तक कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।
फार्मासिस्टों के कार्य बहिष्कार से मरीजों को काफी परेशानी हुई है। मांगें नहीं माने जाने पर 20 अगस्त से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले सभी सरकारी फार्मासिस्टों ने सुबह आठ बजे से 11 बजे तक कार्य बहिष्कार किया।
फार्मासिस्टों के कार्य बहिष्कार के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गईं। फार्मासिस्टों के कार्य बहिष्कार से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और अन्य सभी सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की हड़ताल से मरीजों को काफी परेशानी हुई।
इमरजेंसी में कोई फार्मासिस्ट नहीं होने से आपातकाल के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. जगदीश पाल तेवतिया ने कहा कि अभी तक न तो प्रमोशन की लिस्ट जारी की गई है और न ही वेतन विसंगतियों को दूर किया गया है।
इस मांग को लेकर फार्मासिस्ट लगातार सरकार के समक्ष मांग उठा रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। प्रांतीय उपाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि सभी फार्मासिस्ट 20 अगस्त तक तीन घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे, इसके बाद सामूहिक रूप से हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
विरोध करने वालों में डॉ. भूपेन्द्र शर्मा, डॉ. सतीश बिष्ट, डॉ. विपिन गुप्ता, डॉ. मदनलाल, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. योगेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।