डीजल और पेट्रोल की कीमत दैनिक आधार पर निर्धारित करने का फैसला आधी अधूरी तैयारी के साथ लागूू कर दिया गया है। आलम यह है कि जिले में 80 पेट्रोल पंप आटोमोटिड सिस्टम से लैस ही नहीं है। ऐसे में पेट्रोल पंप संचालकों को फ्यूल की नई दर का कैसे पता चलेगा।
इसकी सही जानकारी नहीं दी गई। संचालकों को सिस्टम से उलट जानकारी हो भी गई तो ग्राहक नई दर पर कैसे एतबार करेंगे। जिले (रूरल-अरबन) में पेट्रोल पंपों की संख्या 120 है। इनमें महज 40 पेट्रोल पंप आटोमोटिड सिस्टम से लैस हैं।
ऑटोमोटिड सिस्टम से लैस पेट्रोल पंपों पर ही डीजल-पेट्रोल का दैनिक आधार पर रेट आटोमैटिकली अपडेट होगी। सिस्टम से जो पंप नहीं जुडे़ हैं, उन पंपों के मालिकों के पंजीकृत मोबाइल पर सर्वर से रेट का संदेश भेजा जाएगा।
इसके बाद दैनिक मूल्य मशीन में पंप संचालक फीड करेगा। वहीं, कई पेट्रोप पंपों पर एक दशक पुरानी मशीनें लगी हुई हैं। पुरानी मशीनों में रेट फीडिंग और डिस-प्ले की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में तख्ती पर लिखकर रेट को प्रदर्शित करना पड़ेगा।