संस्कृत विषय के प्रवक्ता विशाल कुमार सिंह।
बुलंदशहर। संस्कृत विषय भी गणित की तरह है। इसमें हलंत और विसर्ग को ध्यान रखकर शुद्ध व स्पष्ट लिखा जाए तो अच्छे अंक मिलते हैं। परीक्षा के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए नियमित अभ्यास जरूरी है।
चमेली देवी इंटर कॉलेज जरगवां में संस्कृत विषय के प्रवक्ता विशाल कुमार सिंह के अनुसार इंटरमीडिएट के संस्कृत विषय में समास, संधि विच्छेद, नामोल्लेख और नियम ज्ञान, शब्दरूप, धातुरूप, कारक और विभक्ति आदि अध्याय शामिल होते हैं। इन सभी की तैयारी जरूरी है। परीक्षा की तैयारी करते समय व्याकरण का खास ध्यान रखें। श्लोक का नियमित अध्ययन करें और अनुवाद करते समय क्रिया व वचन पर विशेष ध्यान दें।
व्याख्या में संदर्भ-प्रसंग व टिप्पणी अवश्य लिखें। समास में समास विग्रह संस्कृत में ही करें तथा उसका नाम भी लिखें। संधि में संधि का नाम और सूत्र अवश्य लिखें। प्रत्येक खंड के प्रश्न को हल करना चाहिए। व्याख्या या किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के लिए पूरा पैराग्राफ या प्रश्न नहीं उतारना चाहिए।
केवल प्रश्न नंबर डालकर उसका उत्तर लिखना चाहिए। अंत में निबंध में केवल दस पंक्तियां लिखनी होती हैं। छोटी व सरल पंक्तियों को याद करें। लंबे वाक्य लिखने से बचें। संस्कृत में लिखकर ही याद करें।