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पश्चिमांचल में बिजली चोरी में बिजनौर-बुलंदशहर अव्वल

Thu, 08 Sep 2016 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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बिजली - फोटो : अमर उजाला
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 पावर कारपोरेशन की रिपोर्ट ने अफसरों को पसीना ला दिया है। वेस्ट यूपी में हर माह करीब 10 करोड़ रुपये राजस्व नुकसान हो रहा है। पीवीवीएनएल (पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि.) में बिजनौर-बुलंदशहर बिजली चोरी में अव्वल हैं।
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पावर कारपोरेशन के नियमानुसार 70 फीसदी मकानों-दुकानों में बिजली कनेक्शन होने अनिवार्य हैं, जबकि ज्यादातर जिलों में 50 फीसदी से भी कम घरों में कनेक्शन हैं। यही कारण है कि लाइनलास 40 फीसदी से ज्यादा है। कारपोरेशन ने अफसरों को 25 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य दिया है।

पीवीवीएनएल के 15 जिलों में 35 लाख घर और दुकान बिजली चोरी से रोशन हैं। यह बात यूपीपीसीएल (उप्र पावर कारपोरेशन लि.) के एमडी की रिपोर्ट बयां कर रही है। यूपीपीसीएल की इस रिपोर्ट ने एमडी से लेकर जेई तक की नींद उड़ा दी है।
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रिपोर्ट के मुताबिक पावर कारपोरेशन को हर माह करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों में जितने हाउस होल्डर हैं, उसके आधे के पास भी कनेक्शन नहीं हैं। हाउसहोल्डर और कनेक्शनधारकों के बीच का अंतर इतना है कि अफसरों की हवाइयां उड़ गई हैं।

सबसे ज्यादा अंतर बुलंदशहर और बिजनौर में हैं। बुलंदशहर में वर्ष 2016 के रिकॉर्ड के मुताबिक 663908 हाउस होल्डर हैं , जबकि बिजली उपभोक्ता महज 284495 हैं। बुलंदशहर में हाउसहोल्डर और बिजली उपभोक्ताओं के बीच का अंतर 379413 है। इसी तरह बिजनौर में हाउसहोल्डर और उपभोक्ताओं के बीच का अंतर 387296 है। इसके बाद सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल का नंबर है।
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