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किसी ने पूरा किया कार्यकाल, किसी ने झेला अविश्वास प्रस्ताव

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किसी ने पूरा किया कार्यकाल, किसी ने झेला अविश्वास प्रस्ताव
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बुलंदशहर। ब्लॉक प्रमुख की सीट पर पांच साल तक उठा-पटक चलती रही। किसी ने कार्यकाल पूरा किया तो किसी को अविश्वास प्रस्ताव झेलना पड़ा। इन सबके बीच बुधवार को ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त हो गया।
जहांगीराबाद ब्लॉक पर सबसे पहले माया देवी प्रमुख चुनी गईं। इसके बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया और उन्हें हटा दिया। इनके बाद फिर पिंकी देवी को ब्लॉक प्रमुख बनाया गया। इनके खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव आ जाने पर तत्कालीन एसडीएम को कार्यवाहक ब्लॉक प्रमुख बनाया गया। इसके बाद तेजवती देवी ब्लॉक प्रमुख बनीं। अगौता ब्लॉक पर सबसे पहले रिटायर्ड सीओ जय सिंह ब्लॉक प्रमुख बने। कुछ समय बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर फिर वोटिंग हुई। इसमें शोभा रानी विजय रहीं। बाद में शोभा रानी के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, लेकिन विपक्ष सदन में बहुमत स्पष्ट नहीं कर सका। खुर्जा ब्लॉक पर दो बार अविश्वास प्रस्ताव आया। पहली बार ब्लॉक प्रमुख मोहित के पक्ष और दूसरी बार खिलाफ में रहा। इसके बाद फिर विनोद चौधरी को ब्लॉक प्रमुख बनाया गया। अरनिया ब्लॉक पर दो बार अविश्वास प्रस्ताव आया। यह अविश्वास प्रस्ताव ब्लॉक प्रमुख अमित कुमार उर्फ गौरव ठाकुर के खिलाफ रहा, लेकिन अमित कुमार दोनों बार अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे। सिकंदराबाद ब्लॉक पर सबसे पहले पुष्पेंद्र भाटी ने ब्लॉक प्रमुख की शपथ ली। कुछ समय बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया। इनके बाद मनीष भाटी ने ब्लॉक प्रमुख की शपथ ली। इनके खिलाफ भी कुछ समय बाद अविश्वास प्रस्ताव आने पर वह कोर्ट चले गए थे। कोर्ट से मनीष भाटी को राहत मिलने पर वह आखिरी दिन तक ब्लॉक प्रमुख बने रहे। गुलावठी ब्लॉक में भी अविश्वास प्रस्ताव आया था, लेकिन बाद में विपक्ष बहुमत स्पष्ट नहीं कर सका था। इसी तरह लखावटी ब्लॉक पर सबसे पहले कविता देवी ब्लॉक प्रमुख बनीं। बाद में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर दोबारा चुनाव हुआ। इसमें कविता चुनाव हार गईं, जबकि संगीता देवी ब्लॉक प्रमुख बन गईं। इनके खिलाफ भी कुछ दिनों बाद अविश्वास प्रस्ताव आने पर संगीता के हाथ से कुर्सी खिसकती दिख रही थी। लेकिन विपक्ष शक्ति परीक्षण में बहुमत स्पष्ट नहीं कर सका था और संगीता देवी ही ब्लॉक प्रमुख बनी रहीं।
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खत्म हो गया 16 ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल
जनपद के सभी 16 ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल बुधवार आधी रात को पूरा हो गया। कार्यकाल खत्म होते ही उनके अधिकार सीज कर दिए गए हैं। अब ब्लॉक प्रमुख किसी भी तरह के प्रस्ताव या भुगतान संबंधित कार्य नहीं कर सकेंगे। अफसरों के अनुसार, ब्लॉक प्रमुख के स्थान पर अब क्षेत्र संबंधित एसडीएम को प्रशासक बनाया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य आते हैं। प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल गत दिनों पूरा हो चुका था, जबकि ब्लॉक प्रमुख समेत क्षेत्र पंचायत सदस्य का कार्यकाल अभी तक चल रहा था। बताया गया कि 18 मार्च 2016 को सभी ब्लॉक प्रमुखों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी। इनके पांच साल का कार्यकाल 17 मार्च यानी बुधवार की आधी रात पूरा हो चुका है। इनके साथ अब क्षेत्र पंचायत सदस्यों का भी कार्यकाल पूरा हो गया है। अफसरों ने बताया कि जनपद के 16 ब्लॉक बुलंदशहर, सिकंदराबाद, खुर्जा, अरनिया, पहासू, दानपुर, डिबाई, शिकारपुर, अनूपशहर, जहांगीराबाद, ऊंचागांव, स्याना, अगौता, लखावटी, गुलावठी, बीबीनगर का कार्यकाल पूरा हो गया है। ऐसे में अब उनके अधिकार सीज कर लिए गए हैं। कार्यकाल पूरा होने पर अब कोई भी ब्लॉक प्रमुख किसी भी तरह के प्रस्ताव और भुगतान संबंधित कार्य नहीं कर पाएंगे। सभी 16 ब्लॉक प्रमुख के स्थानों पर अब क्षेत्र से संबंधित एडीएम को प्रशासक बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है।
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अब जनपद के सभी 16 ब्लॉक प्रमुखों का भी कार्यकाल पूरा हो गया है। कार्यकाल पूरा होने पर जिला प्रशासन ने उनके अधिकार सीज कर लिए हैं। वह अब किसी तरह का काम नहीं कर सकेंगे। उनके स्थान पर एसडीएम प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे।
- नंदलाल, जिला पंचायत राज अधिकारी
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