फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत चुनाव : अब कोर्ट की सुनवाई पर टिकीं निगाहें

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचायत चुनाव : अब कोर्ट की सुनवाई पर टिकीं निगाहें
विज्ञापन

बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की बाबत संभावित दावेदारों की निगाह अब हाईकोर्ट की सोमवार को होने वाली सुनवाई पर टिक गई है। कोर्ट द्वारा आरक्षण पर रोक लगाने के बाद वह फिर से गुणा-भाग में लग गए हैं। वहीं, गांव की चौपाल आदि पर आरक्षण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
शासन के आदेश पर जनपद में पंचायत चुनाव की गत तीन मार्च को आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई थी। चार से आठ मार्च तक आपत्तियां मांग गई। इस दौरान प्रधान समेत अन्य पदों पर 522 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इसके बाद 12 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण और इसके बाद अंतिम सूची जारी करने की जिला प्रशासन ने तैयारी भी कर ली। लेकिन 12 मार्च को कोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दे दिए। इस पर सोमवार को सुनवाई तय की गई है। हाईकोर्ट के आरक्षण पर रोक लगाने के बाद संभावित प्रत्याशियों की निगाहें अब सुनवाई पर टिकी हैं। चुनाव की तैयारी में जुटने के साथ गांव में लगने वाली चौपालों में आरक्षण को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गईं हैं। संभावित दावेदार अब एक बार फिर जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। उन्हें आरक्षण में राहत मिलने की उम्मीद है। गत लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदारों के अरमानों पर आरक्षण जारी होेते ही पानी फिर गया था। अब आरक्षण प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक से उन्हें आस लगी है। कुछ लोग उम्मीद जता रहे हैं कि इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश से उनकी सीट पर आरक्षण में फेरबदल हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरक्षण पर हुआ दोबारा विचार तो बदल जाएगी तस्वीर
हाईकोर्ट में आरक्षण संबंधित याचिका के बाद सरकार द्वारा आरक्षण प्रक्रिया को रोक देने से अपनी-अपनी सीट के लिए जुगत लगा रहे दावेदारों के होश उड़ गए हैं। यदि प्रधान समेत सभी पदों पर तय किए गए आरक्षण पर दोबारा से विचार किया गया तो आरक्षण की स्थिति बदल जाएगी। वहीं, अब तक जो अपनी राजनीति चमकाने का सपना संजो रहे थे, दावेदाराें के हाथ से मौका निकल सकता है। हाईकोर्ट में जिस वर्ष के आरक्षण प्रक्रिया को आधार मानकर आरक्षण की बात कही गई है और यदि जनपद में भी इसी प्रक्रिया को लागू किया गया तो सभी पदों के आरक्षण पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। जनपद में 946 ग्राम प्रधान, 52 जिला पंचायत सदस्य, 16 ब्लॉक प्रमुख, 1315 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 12147 वार्ड सदस्यों के पदों पर आरक्षण को अंतिम रूप दिया जाना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें