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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : 95 फीसदी उम्मीदवार हो सकते हैं अयोग्य

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : 95 फीसदी उम्मीदवार हो सकते हैं अयोग्य
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बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चुनावी खर्च का ब्योरा जमा नहीं करने वाले उम्मीदवारों पर अयोग्य होने की तलवार लटकती हुई नजर आ रही है। निर्वाचन आयोग के नियमानुसार जो प्रत्याशी चुनावी खर्च ब्योरा जमा नहीं करते हैं, वह चुनाव में फिर से उतरने के लिए अयोग्य माने जाएंगे। इसके बावजूद जनपद में अधिकांश उम्मीदवारों ने पिछले चुनावों का ब्योरा जमा नहीं किया है।
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गौरतलब है कि शासन-प्रशासन के अलावा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के विभिन्न भावी प्रत्याशी भी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। चुनाव लड़ने के लिए लोगों ने अपने कागजात दुरुस्त कराने शुरू कर दिए हैं। नो-ड्यूज से लेकर चुनाव में जरूरी कागजात इकट्ठा करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी लगाने शुरू कर दिए हैं। पिछले चुनाव में चुनावी खर्च ब्योरा जमा नहीं करने वाले उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। माना जा रहा है कि जल्द ही चुनाव आयोग ऐसे लोगों की सूची तलब कर सकता है, जिन्होंने पिछले चुनावों में चुनाव में हुए खर्च का ब्योरा जमा नहीं किया है। जनपद की बात करें तो यहां पर जिला पंचायत के 53 सदस्य हैं। जिला पंचायत के लिए पिछले चुनाव में 571 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। बताया जा रहा है कि इनमें से 90 प्रतिशत लोगों ने अपना चुनावी खर्च का ब्योरा जमा नहीं किया है। इसके अलावा क्षेत्र पंचायत के 1336 सदस्य हैं और पिछले चुनाव में 6087 लोग चुनावी मैदान में उतरे थे। इनमें सबसे अधिक 98 प्रतिशत ने चुनावी खर्च का ब्योरा नहीं दिया है। जबकि जनपद में 951 ग्राम प्रधान हैं। ग्राम प्रधानी के लिए 6187 ने बीते चुनाव में दावेदारी ठोकी थी और करीब 95 प्रतिशत ने चुनावी खर्च का ब्योरा जमा नहीं किया। ऐसे उम्मीदवारों के लिए कभी भी चुनाव आयोग आदेश जारी कर सकता है। इस संबंध में सहायक निर्वाचन अधिकारी रामकुमार अत्री ने बताया कि त्रिस्तरीय चुनाव की तैयारियां जोर शोर पर चल रही हैं। निर्वाचन आयोग से जो भी दिशा-निर्देश जारी होंगे उसका शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा।
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