अनूपशहर में निकाली गई पालकी शोभायात्रा की अगुवाई करते पंज प्यारे। संवाद
अनूपशहर। कस्बे में सिख धर्म के 10वें गुरु गोविंद सिंह की जयंती शनिवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर कस्बे के मोहल्ला मदार गेट स्थित ऐतिहासिक गुरु हरि राय साहिब गुरुद्वारे में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें शामिल शोभायात्रा की अगुवानी पंज प्यारों ने की। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। रास्तेभर वाहे गुरु-वाहे गुरु की गूंज रही।
गुरु गोविंद सिंह की जयंती समारोह के तहत पिछले 10 दिनों से चल रहे नितनेम पांच बानियां पाठ का समापन सुबह आठ बजे हुआ। पाठ का शुभारंभ 18 दिसंबर को हुआ था। पाठ के समापन के बाद शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में संगत जुटी। इसके बाद भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई। पालकी शोभायात्रा मोहल्ला मदारगेट स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा सातवीं पातशाही हरिराय साहब से प्रारंभ होकर फव्वारा चौक, दिल्ली दरवाजे से होते हुए बजरिया और मुख्य बाजार से गुजरी और वापस गुरुद्वारे पर समाप्त हुई। शोभायात्रा के आगे पंच प्यारे चल रहे थे। कस्बे में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
इस दौरान संगत ने राज करेगा खालसा झूलते निशान रहे पंत महाराज के और सजदे दीवान रहे गुरु महाराज के जैसे नारे लगाए। संगत के लोग खालसा पंथ के झंडे लेकर चल रहे थे। शोभायात्रा में चार साहिबजादों की शहादत को दर्शाती झांकी भी शामिल थी, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रही।
पालिका अध्यक्ष ब्रजेश गोयल ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों की शहादत अदम्य साहस और वीरता की अमर गाथा है। उन्होंने कहा कि यह गाथा युगों-युगों तक राष्ट्रभक्ति, धर्मनिष्ठा और कर्तव्यनिष्ठ जीवन का मार्ग प्रशस्त करती रहेगी। कार्यक्रमों की समाप्ति के बाद लंगर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जसविंदर सिंह, हरदीप सिंह प्रधान, मोहित रावल, परनीत कौर, सतनाम कौर, बीना रावल, त्रिलोचन सिंह, सुरमीत कौर, बलदेव सरदार आदि उपस्थित रहे।
अनूपशहर में निकाली गई पालकी शोभायात्रा की अगुवाई करते पंज प्यारे। संवाद