बुलंदशहर। बकायेदारों को जुर्माना राशि की छूट देने के लिए शुरू की गई ओटीएस योजना दो माह से अधिक संचालित की गई, लेकिन जिले में 36.25 फीसदी बकायेदारों ने ही योजना का लाभ लिया। मंगलवार को समाप्त हुई योजना के तहत विभाग को 1.37 लाख उपभोक्ताओं से 102.98 करोड़ रुपये का बकाया बिल प्राप्त हुआ। जबकि अभी भी योजना समाप्त होने के बाद भी जिले में 241239 उपभोक्ताओं पर विभाग का करीब तीन अरब रुपये का बिल बकाया है। अब अधिकारियों की ओर से बकायेदारों के कनेक्शन काटने की तैयारी की जा रही है। सबसे खराब स्थिति शहरी उपभोक्ताओं की रही, जहां बिजली निगम के अधिकारी 26 हजार से अधिक बकायेदारों में से छह हजार बकायेदारों से भी वसूली नहीं कर पाए हैं। सबसे कम बकाया बिल वसूलने की स्थिति हो या सबसे कम बकायेदार उपभोक्ताओं की संख्या, सभी मामलों में शहरी खंड के अधिकारी जिले में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। बकायेदारों से बिल वसूली न होने पर भले ही कार्रवाई की चेतावनी उच्चाधिकारियों ने दी थी, लेकिन जिले में फिसड्डी अधिकारियों पर न तो कार्रवाई हुई है और न ही बकायेदारों के कनेक्शन काटने के लिए कोई ठोस रणनीति तैयार की गई है।
खंडवार बकायेदारों की स्थिति
खंड का नाम कुल बकायेदार लाभान्वित
प्राप्त धनराशि (लाख)
खुर्जा
66333
20269
2174.20
षष्टम
37958
15848
1016.68
बुलंदशहर
26048
5956
492.90
प्रथम
26763
13817
889.89
स्याना
45034
15832
988.95
पंचम
36040
10833
1046.74
तृतीय
43304
15529
1476.97
डिबाई
49974
20563
1050.14
जहांगीराबाद 46908
18476
1162.30
कुल
378362
137123
10298.78
कोट
पूर्व निर्धारित निर्देशों के मुताबिक ओटीएस योजना मंगलवार को समाप्त हो गई है। यदि शासन से कोई नए निर्देश मिलते हैं तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अन्यथा बकायेदारों के कनेक्शन काटने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
- एके जायसवाल, चीफ इंजीनियर, बिजली निगम