खेत से प्रतिबंधित पशु चोरी करने और जेवर कस्बे के जंगल में उसकी हत्या करने की खबर के बाद शुक्रवार रात ग्रामीणों ने जेवर में पांच घंटे तक हंगामा किया। मौके पर कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के अलावा कस्बे व आसपास के हजारों लोग पहुंच गए। सभी पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।
जेवर निवासी विष्णुदत्त शर्मा ने करीब एक साल पहले एक प्रतिबंधित पशु को सेवा करने के लिए अपने खेत पर रखा था। बृृहस्पतिवार रात अचानक पशु व उसका बच्चा गायब हो गए। शुक्रवार शाम में ग्रामीणों को पशु का शव जेवर कानीगढ़ी मार्ग से डेढ़ किमी दूर खेत में पड़ा मिला। उसका सिर कटा था और उसका एक पैर और खाल काटकर कोई अपने साथ ले गया था।
लोगों ने इसकी सूचना पुलिस व कस्बे के लोगों को दी। मौके पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के अलावा आसपास के कई गांव के हजारों लोग मौके पर आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस को भीड़ ने पशु के शव को उठाने नहीं दिया और जेसीबी को वापस भेज दिया। लोगों का आरोप था कि पुलिस प्रतिबंधित पशु की हत्या के मामले में लापरवाही बरत रहा है।
ग्रामीणों ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने और मौके पर ही पोस्टमार्टम कराने की मांग की। देर रात साढ़े ग्यारह बजे एसडीएम व सीओ ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।