गन्ने के रेट और बकाया भुगतान नहीं होने पर कलक्ट्रेट में भाकियू का धरना लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। तेज ठंड में किसान झोपड़ी डालकर डटे हुए हैं।
किसानों ने एलान कर दिया है कि उनका बकाया भुगतान होने तक वह पीछे नहीं हटेंगे। ठंड के कारण कुछ किसानों की तबीयत बिगड़ने के बावजूद सुध नहीं लेने पर भाकियू नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी।
किसानों के गन्ना भुगतान, गन्ने के रेट को लेकर भारतीय किसान यूनियन का कलक्ट्रेट में धरना लगातार सातवें दिन भी जारी है। प्रदेश उपाध्यक्ष कैप्टन यशवीर सिंह ने कहा कि किसान खुले आसमान के नीचे ठंड में पड़े हुए हैं।
किसानों की हालत खराब हो रही है लेकिन कोई भी उनकी सुध नहीं ले रहा है। यदि किसी भी किसान की तबीयत बिगड़ी तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदेश सचिव मांगेराम त्यागी ने कहा कि किसानों की तबीयत खराब हो रही है और स्वास्थ्य विभाग के अफसर बेसुध बने हुए हैं। यदि स्वास्थ्य विभाग के अफसर नहीं जागे तो अगला धरना स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर में ही होगा।
उनकी चेतावनी के बाद डाक्टरों ने जाकर किसानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। धरना देने वालों में गजेंद्र लोधी, योगेंद्र वर्मा, सत्यपाल प्रधान, कुंवरपाल चौहान, सुरेंद्र मानपुर, जगनवीर सिरोही, रवि गौड़, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, बिजेंद्र प्रताप, छोटेलाल शर्मा, सुखपाल सिंह चौहान, ओमवीर शेखपुर, बिजेंद्र प्रधान आदि रहे।
किसानों के साथ खड़ी हुई आप
गन्ना किसानों के भुगतान और अन्य समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन के धरने को आम आदमी पार्टी ने अपना समर्थन दिया है। आप जिला संयोजक विकास शर्मा ने कहा कि पार्टी पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है।
उन्होंने अफसोस जाहिर किया कि कृषि प्रधान देश के अन्नदाताओं को इतनी ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है।