संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव परतापुर में आठ सितंबर की रात हुई ओमपाल की मौत का उसकी 12 साल की मासूम भतीजी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उसने परिजनों को बताया कि चाची और ताऊ के बेटे ने मिलकर चाचा की हत्या की है। पुलिस हिरासत में दोनों आरोपियों ने हत्या करने की बात कबूल भी कर ली। दोनों के बीच दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
गांव परतापुर निवासी रवि करन ने बताया कि उनका भाई ओमपाल सिंह (40) मजदूरी कर अपना व परिवार का पालन पोषण करता था। आठ सितंबर को ओमपाल घर पर खाना खाकर सोया था, सुबह मृत अवस्था में मिला था। परिजनों ने दिल का दौरा पड़ने से स्वाभाविक मौत समझा था। इस वजह से पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम कर दिया था।
चाचा की मौत के बाद से करन सिंह की 12 वर्षीय मासूम पुत्री गुमसुम रहने लगी। बुधवार को परिजनों ने उससे पूछा तो उसने कहा कि चाचा की हत्या की गई है। बच्ची ने बताया कि घटना वाली रात ओमपाल चाचा के घर पर ही सोने के लिए गई थी। देर रात में उसकी आंख खुलीं तो देखा कि चाची प्रीति ने चाचा के हाथ पकड़े थे और अभय भैया (ओमपाल के बड़े भाई का बेटा) ने चुन्नी से गला दबा रखा था।
बच्ची के यह बताते ही करन सिंह व परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। जिस पर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने बताया कि उनके बीच दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा है।
दोनों अब साथ रहना चाहते थे लेकिन ओमपाल इसका विरोध करता था। इसी वजह से आठ सितंबर की रात सोते समय ओमपाल की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त चुन्नी बरामद किया है। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आरोपियों को लगा था सो रही है बच्ची : बच्ची आए दिन अपने चाचा ओमपाल के घर सो जाया करती थी। उस दिन भी वह खाना खाकर वहीं सो गई थी। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्हें लगा था कि बच्ची सो रही है। उन्हें एहसास नहीं था कि वह वारदात को देख रही है। बच्ची परिजनों को नहीं बताती तो संभव है कि कभी भी ओमपाल की हत्या का राज नहीं खुल पाता।