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ओलंपिक पदक की दौड़ में सतीश, मेराज और अरविंद

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ओलंपिक पदक की दौड़ में सतीश, मेराज और अरविंद
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बुलंदशहर। बॉक्सर सतीश कुमार, निशानेबाज मेराज खान और रोइंग खिलाड़ी अरविंद सोलंकी को टोक्यो में होने जा रहे ओलंपिक खेलों के लिए टिकट मिल गया है। यह तीनों खिलाड़ी दुनिया में बुलंदशहर का नाम चमकाने के लिए बेताब हैं। मेराज और सतीश दूसरी बार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे जबकि अरविंद को पहली बार मौका मिला है। तीनों ही ओलंपिक के विशेष प्रशिक्षण के लिए रवाना हो गए हैं।
दूसरी बार ओलंपिक में खेलेंगे खबरा गांव के मेराज
खुर्जा क्षेत्र के गांव खबरा निवासी मेराज खान स्कीट शूटर हैं। वर्ल्ड कप शूटिंग से लेकर कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में मेडल जीतकर भारत का परचम लहराने वाले मेराज इस बार टोक्यो ओलंपिक के लिए चुने गए है। मेराज ने बातचीत में कहा कि हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में मेडल जीतने का होता है। मेराज रियो ओलंपिक गेम्स में मात्र एक अंक से फाइनल में पहुंचने से चूक गए थे। वह कहते हैं कि तब से काफी मेहनत कर रहा हूं। इटली में ट्रेनिंग ले रहा हूं और सारा फोकस खेल पर है मेराज खान बुलंदशहर के ब्रांड एंबेसडर भी चुने जा चुके हैं।
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पचौता के सतीश 91 किग्रा भार वर्ग के बॉक्सर
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव पचौता निवासी सतीश कुमार अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग खिलाड़ी हैं। हाल ही में जर्मनी में आयोजित हुए कोलोगन बॉक्सिंग वर्ल्डकप में चोट के कारण गोल्ड मेडल जीतने से वंचित रह गए। हालांकि सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। वहीं, देश के पांच पुरुष मुक्केबाजों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। इसमें सिकंदराबाद निवासी सतीश कुमार भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग खिलाड़ी सतीश कुमार ने कहा कि ओलंपिक में 91 किग्रा भारवर्ग में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बॉक्सर हैं। फिलहाल पटियाला में प्रशिक्षण ले रहा हूं। जल्द ही इटली में प्रशिक्षण लेने के लिए रवाना होंगे। बताया कि ओलंपिक में पहली बार प्रतिभाग करूंगा।
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खुर्जा के अरविंद को मिला पहली बार मौका
खुर्जा निवासी अरविंद सोलंकी रोइंग खिलाड़ी है। 2016 में सेना में भर्ती होने के बाद रोइंगग खेल की शुरुआत की। खेल की शुरुआत के बाद से अरविंद का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर गोल्ड मेडल जीत जनपद के साथ देश का नाम रोशन करने का रहा। अरविंद सोलंकी ने कहा कि रोइंग खेल खतरों से भरा हुआ है, इसके बावजूद देश का नाम रोशन करने के लिए लगातार नेशनल स्तर पर प्रतिभाग कर चुका हूं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक सिल्वर मेडल जीत चुका हूं। ओलंपिक में चयन होने के बाद पूना में प्रशिक्षण ले रहा हूं और जल्द ही इटली जाकर प्रशिक्षण शिविर में शामिल हो जाऊंगा। उन्होंने कहा कि पहली बार लाइटवेट डबल स्कल्स स्पर्धा में देश की एकमात्र जोड़ी प्रतिभाग करेगी।
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