डेंगू से एक वृद्धा की मौत हो गई। वहीं, खुर्जा में देहात क्षेत्र के गांव इस्लामाबाद में बुखार से दो महिलाओं की मौत हो गई। इसके साथ ही बुखार से जिले मरने वालों की संख्या 113 हो गई। खास बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सीएमओ साहब अब तक इन सभी मौतों से अंजान हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में भी खेल कि या जा रहा है।
सिकंदराबाद के गांव काजीवाड़ा निवासी जमील ने बताया कि उसकी पत्नी फरजाना (60) को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। जमील ने बताया कि सिकंदराबाद के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। तबीयत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर मेडिकल सेंटर दिल्ली रेफर कर दिया।
जहां डॉक्टरों ने उनको डेंगू घोषित किया था। जमील ने बताया कि शुक्रवार की सुबह 11 बजे उपचार के दौरान फरजाना की अस्पताल में मौत हो गई। जमीला की मौत के बाद जिले में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 113 हो गया है। वहीं, खुर्जा में देहात क्षेत्र के गांव इस्लामाबाद निवासी मदीना 18 पुत्री सुकरु विगत कई दिनों से बीमार चल रही थी।
परिजनों के मुताबिक उसका उपचार निजी अस्पताल में भी चल रहा था। बीती रात मदीना की बुखार से मौत हो गई। इसके अलावा गांव निवासी नूरजहां 50 पत्नी हबीब की कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। हबीब ने बताया कि निजी अस्पताल में उपचार कराया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बृहस्पतिवार शाम नूरजहां ने घर पर ही दम तोड़ दिया।
गौरतलब है कि, जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा बेशक 111 पहुंच गया हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में यह रिकॉर्ड निल है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में किसी की मौत लीवर फेल तो किसी की किडनी फेल तो किसी की हार्ट फेल से बताई गई है।
निजी अस्पतालों की रिपोर्ट पर परिजन बेशक कुछ कह रहे हों, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में ऐसा कुछ नहीं है। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि अभी तीनाें मौतों की जानकारी नहीं है। अस्पताल प्रभारी को मौके पर जाकर मौत का कारण जानने के निर्देश दिए हैं। बुखार पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। गांवों में लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं।