बुलंदशहर। छात्रवृत्ति के आवेदन के बायोमेट्रिक सत्यापन में आ रही तकनीकी कमी को देखते हुए सत्यापन की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। 25 जनवरी तक दशमोत्तर कक्षाओं के आवेदन विद्यालय अग्रसारित किए जा सकेंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रंजना सिंह के अनुसार शासन से छात्रवृत्ति आवेदन में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता को लागू किया था, लेकिन तकनीकी कारणों से बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा था। सत्यापन की अनिवार्यता के कारण फॉर्म समाज कल्याण विभाग को अग्रसारित नहीं हो पा रहे थे।
इस कारण अंतिम तिथि भी बार-बार आगे बढ़ाई जा रही थी। छात्रवृत्ति आवेदन करने वालों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से छूट की सहूलियत मिली है। शिक्षण संस्थान के पास बायोमेट्रिक डिवाइस नहीं होने की स्थिति में ऑनलाइन आवेदन मान्य होंगे।
संस्थानों के स्तर से छात्रवृत्ति आवेदन पत्र बिना बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अग्रसित किए जाएं। इसके लिए पोर्टल में एनआईसी से व्यवस्था कराई है। अब दशमोत्तर के आवेदन 25 जनवरी तक अग्रसारित हो सकेंगे।