बुलंदशहर से दिल्ली वाया हापुड़ जाने वाली शटल अब प्लेटफार्म से ही चलेगी। पहले यह ट्रेन प्लेटफार्म के दूसरी ओर यार्ड लाइन पर खड़ी होती थी। इससे यात्रियों को दो ट्रैक पार करके जान जोखिम में डालकर ट्रेन में चढ़ना पड़ता था।
अधिकारियों का कहना है कि जब से शटल ट्रेन चली है, तब से यही व्यवस्था है। मामले में डीआरएम ने रेलवे अधिकारियों को बुलंदशहर-दिल्ली शटल को प्लेटफार्म से रवाना करने के आदेश दिए हैं।
भाजपा पदाधिकारी एवं रेलवे के मुरादाबाद मंडलके उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति सदस्य अजय त्यागी और गिरिराज सिंह ने बुधवार को मुरादाबाद मंडल के डीआरएम प्रमोद कुमार के समक्ष यह मामला उठाया। उन्होंने बताया कि ट्रेन के प्लेटफार्म पर नहीं आने के चलते महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को बेहद दिक्कत होती है।
लोग जान जोखिम में डालकर दो ट्रैक को पार कर ट्रेन पर चढ़ने को मजबूर होते हैं। ऐसे में कोई ट्रेन आ जाए तो बड़ा हादसा भी हो सकता है। डीआरएम ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कंट्रोलर को समस्या को हल करने का आदेश दिया।
हापुड़ और गाजियाबाद होकर जाती है शटल
बुलंदशहर शटल रोजाना सुबह 5.30 बजे बुलंदशहर से रवाना होती है। यह ट्रेन वाया हापुड़, गाजियाबाद होते हुए दिल्ली पहुंचती है। शाम को यह दिल्ली से वापस आती है। बुलंदशहर से दिल्ली को कनेक्ट करने वाली यह एकमात्र ट्रेन है। इसमें यात्रियों की खासी भीड़ रहती है।
बुलंदशहर शटल के चलने के आसपास ही संगम एक्सप्रेस भी आती है। संगम एक्सप्रेस को प्लेटफार्म पर लाने के लिए शटल को यार्ड वाली लाइन पर खड़ा कर दिया जाता है और वहीं से रवाना कर दी जाती है। यह व्यवस्था कई सालों से चल रही है। अफसरों के निर्देश मिलते ही शटल को प्लेटफार्म से रवाना किया जाएगा। - मकबूल खां, स्टेशन अधीक्षक