बुलंदशहर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब गर्भवती और धात्री महिलाओं को चेहरे का मिलान करने के बाद ही पोषाहार का पैकेट दिया जाएगा। इसके लिए (एफआरएस) फेस रिकग्नाइजेशन सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर चेहरे की पहचान के लिए गर्भवती व धात्री महिलाओं के फोटो पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। पोषाहार वितरण के समय लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। कार्यकर्ता, पोषाहार वितरण करते समय उस ओटीपी को अपने पोषण ट्रैकर पर दर्ज करेंगी। इसके बाद ही पोषाहार देंगी। इस प्रक्रिया से पोषाहार वितरण में पारदर्शिता आएगी और महिलाओं को पूरा पोषाहार मिलेगा। संवाद