बुलंदशहर। यात्रियों की सुरक्षा और वाहनों की निगरानी के लिए एक जनवरी से टैक्सी, यात्री वाहन, बस और ट्रकों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) अनिवार्य कर दिया गया है। ओला-उबर से जुड़े टैक्सी वाहनों पर भी यह नियम लागू रहेगा। हालांकि दोपहिया, ई-रिक्शा और ऑटो इससे बाहर रखे गए हैं। जिले में 12,598 पुराने वाहन संचालकों को एक अप्रैल तक डिवाइस को लगवाना होगा। जबकि नए वाहनों में यह लगा हुआ मिलेगा।
जिले में बस, मोटर कैब, मैक्सी कैब समेत 12,598 व्यावसायिक वाहन संचालित हो रहे हैं। इनमें नेशनल और प्रदेश परमिट वाले भारी वाहन और ट्रक भी शामिल हैं। अब एक जनवरी से नए पंजीकृत होने वाले वाहनों पर यह नियम लागू कर दिया है। विभागीय अफसरों के अनुसार परिवहन आयुक्त किंजल सिंह के निर्देश पर मुख्यालय में अत्याधुनिक कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जहां से वाहनों की लाइव ट्रैकिंग, लोकेशन और निगरानी की जाएगी।
वीएलटीडी के साथ मानक के अनुरूप आपातकालीन सहायता बटन (इमरजेंसी बटन) का होना भी अनिवार्य किया है। जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा सके। वीएलटीडी व इमरजेंसी बटन का सबसे अधिक फायदा महिलाओं को होगा। वहीं, कोई भी घटना होने पर आरोपी तक पहुंचना भी आसान होगा।
सभी पुराने वाहनों में एक अप्रैल तक वीएलटीडी अनिवार्य कर दिया है जो वाहन स्वामी इसे नहीं लगवाएंगे उनके नवीनीकरण, फिटनेस और पीयूसीसी से जुड़े कार्य नहीं किए जाएंगे। नए वाहनों पर यह नियम एक जनवरी से लागू कर दिया गया है। - सतीश कुमार, एआरटीओ प्रशासन