किसानों को अब ऑनलाइन मिलेगा खसरा
बुलंदशहर। अब किसानों को खसरा भी ऑनलाइन मिलेगा, जो आठ भागाें में बंटा होगा। इसमें गाटा, फसल व सिंचाई के साधन, दैवीय आपदा व कृषि अपशिष्ट, वृक्ष, गैर कृषि भूमि, लीज, दो फसली व अकृषि भूमि के अलावा विशेष विवरण आदि दर्ज होगा। इसे लेकर तहसील में 12 साल के अभिलेख संरक्षित किए जाएंगे।
किसानों को खतौनी पहले से ही ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही है। जबकि अब शासन ने खसरा भी ऑनलाइन उपलब्ध करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश मिलते ही जनपद में तैयारियां शुरू हो गई हैं। लेखपाल राजस्व परिषद की वेबसाइट पर भूलेख खसरा लॉग इन कर सूचनाएं दर्ज करेंगे। पहले भाग में गाटा संख्या, यूनिक कोड, क्षेत्रफल, खतौनी संख्या व खातेदार का नाम होगा। दूसरे भाग में खरीफ, रबी और जायद की फसलों के नाम, आच्छादित क्षेत्रफल, असिंचित क्षेत्रफल, सिंचाई का साधन, तीसरे भाग में देवीय आपदा व कृषि अपशिष्ट निस्तारण को लेकर फसल का नाम, क्षति, देवीय आपदा का प्रकार, आपदा से प्रभावित क्षेत्रफल, जाति का वितरण व पराली जलाने व न जलाने की जानकारी दर्ज होगी। खसरे के भाग चार में गाटों में वृक्षों की प्रजाति व संख्या, भाग पांच में गैर कृषि भूमि से जुड़े विवरण, गैर कृषि उपयोग का प्रकार, क्षेत्रफल, घोषित करने की वाद संख्या व आदेश की तिथि, भाग छह में भूमि के लीज को लेकर पट्टे का प्रकार, क्षेत्रफल, पट्टा धारक का नाम व पता, पट्टा प्रारंभ या फिर समाप्त होने की तिथि, भाग सात में असिंचित व सिंचित कृषि का वर्ग व क्षेत्रफल के अलावा भाग आठ में विशेष विवरण दर्ज होंगे। इसे लेकर 12 साल के अभिलेख तहसील में सुरक्षित रखे जाएंगे। बताया गया कि किसानों को ऑनलाइन खसरा उपलब्ध करवाने के लिए जनपद की सभी तहसीलों में तैयारी शुरू हो गई है। एसडीएम सदर आशीष कुमार सिंह ने बताया कि शासन के आदेश पर खतौनी की तरह अब खसरा भी किसानों को ऑनलाइन मिलेगा। यह खसरा आठ भागों में बंटा होगा, इसमें भूमि व फसल संबंधित जरूरी जानकारी दर्ज होगी। इसके लिए सभी तहसीलों में 12 साल के अभिलेख सुरक्षित रखे जाएंगे।