बुलंदशहर। एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए अब ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ेगा। कुत्ता-बंदर के काटने के मामले बढ़ने पर सीएमओ ने एआरवी लगाने वाले केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 78 कर दी हैं। अब ग्रामीण क्षेत्र के लोग नजदीक के किसी भी सरकारी चिकित्सालय एआरवी लगवा सकेंगे।
जिलेभर में प्रतिदिन 700 से अधिक लोगों पर कुत्ता-बंदर, बिल्ली या अन्य जानवर हमला कर जख्मी कर देते हैं। ऐसे में संबंधित को रेबीज से बचाने के लिए समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी जरूरी होती है। जिले के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला चिकित्सालय समेत 70 केंद्रों पर अभी तक एआरवी लगाने की सुविधा मिल रही थी। यहां पर प्रतिदिन करीब 400 लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
जिला चिकित्सालय और जटिया चिकित्सालय खुर्जा की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 लोगों को एआरवी लगाई जा रही है। यहां पर देहात क्षेत्र से जुड़े लोग प्रतिदिन एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
इन केंद्रों पर लगवा सकते हैं एआरवी
नोडल अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि जिला चिकित्सालय बुलंदशहर, एसएसएमजे खुर्जा, 100 बेड डिबाई बड़े चिकित्सालयों पर एआरवी लगी रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहासू, शिकारपुर, जहांगीराबाद, अनूपशहर, स्याना, बीबीनगर, ऊंचागांव, डिबाई, दानपुर, सिकंदराबाद, लखावटी, गुलावठी व अगौता पर पहले से सुविधा उपलब्ध है। ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुनी, धरपा, वैर, कसेरकलां, मालागढ़, कर्णवास और नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गिरधारी नगर व गुलावठी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिर्जापुर, उटरावली, नरौरा, राजघाट, धमैड़ा अड्डा, सरायधारी, शास्त्रीनगर, तौली, जरगवां, दस्तूरा, माछर, दादूपुर नीला, कुचेसर, बनबोई, सैदपुर, बिच्चौला, चौला, शिकोई, औलीना, पवसरा, खुर्जा जंक्शन, शिवाली, झाझर, ककोड़, रतनपुर, सराय छबीला, अहार, सुरजावली, जखैता व कायस्थवाड़ा आदि पर एआरवी लगाई जा रही है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धमैड़ा कीरत, ताल बिबियाना, खानपुर, धर्मपुर, बड़ौदा, सीकरी, सनैटा, करोरा, सरभन्ना, छतारी, जाड़ौल, दौलतपुर खुर्द, बराल, औरंगाबाद अहीर, ईलना, जिरौली, बिलोनी, भटौना व नगरीय पीएचसी देवीपुरा, खुर्जा, जहांगीराबाद, पाली परतापुर, रसूलपुर रिठौली एवं बनैल आदि पर एआरवी की सुविधा दी जा रही है।
सभी 78 केंद्रों पर पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है। पीड़ित व्यक्ति अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन लगवा सकते हैं। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ