अब निजी एंबुलेंस वाले नहीं वसूल सकेंगे मनमाना किराया
बुलंदशहर। अब निजी एंबुलेंस संचालक मरीजों से मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगे। अब मरीजों को लाने व ले जाने के लिए परिवहन आयुक्त के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुल्क तय कर दिया है। इसके तहत टाइप टू रोड एंबुलेंस के पहले 10 किमी के लिए एक हजार रुपये किराया तय किया गया है।
कोरोना काल में निजी एंबुलेंस के चालकों द्वारा तीमारदारों से मनमाना किराया वसूले जाने का आरोप लगता रहा है। इसकी शिकायतें प्रशासन से प्रदेश सरकार तक पहुंची। इस पर शासन ने एंबुलेंस चालकों की मनमानी रोकने का फैसला किया। परिवहन अफसरों के अनुसार मोटरयान अधिनियम के तहत एंबुलेंस को परमिट की आवश्यकता से मुक्त रखा गया है। ऐसे में एंबुलेंस के परमिट जारी नहीं किए जाते हैं। उप्र मोटरयान कराधान नियमावली के तहत एंबुलेंस को कर से मुक्त रखा गया है। इससे साफ है कि एंबुलेंस का प्रयोग व्यावसायिक न होकर अन्य रूप से मरीज या घायल के परिवहन के लिए किया जाता है। देखा जाए तो यह एक तरह की समाजसेवा है। लेकिन कुछ लोग इसका फायदा उठा लेते हैं।
एंबुलेंस का प्रकार व निर्धारित किराया
- टाइप ए रोड एंबुलेंस मेडिकल फर्स्ट रिस्पांडर
- प्रथम 10 किमी के लिए 500 रुपये, 10 किमी के बाद 10 रुपये प्रति किमी की दर से।
- टाइप टू रोड एंबुलेंस पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस मारुति ओमनी, टाटा मैजिक, मारुति ईको आदि
- प्रथम 10 किमी के लिए 1000 रुपये, 10 किमी के बाद 20 रुपये प्रति किमी की दर से।
- टाइप थ्री रेाड एंबुलेंस बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस
- प्रथम 10 किमी के लिए 1500 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
प्रमुख सचिव के आदेश पर जनपद में भी एंबुलेंस की दर निर्धारित कर दी गई हैं। जो एंबुलेंस चालक इससे ज्यादा वसूल करेगा, उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करा दिया जाएगा।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ