बुलंदशहर। सहकारिता विभाग ऋण की वसूली के लिए अभियान चल रहा है। विभाग ने 400 से अधिक बड़े बकायेदार किसानों को नोटिस जारी किए हैं। चेतावनी दी है कि यदि वह जल्द ऋण जमा नहीं कराते हैं तो फिर उनकी आरसी जारी की जाएगी। ऋण जमा करने वालों में सिकंदराबाद तहसील के किसान सबसे आगे हैं।
जिले में वित्तीय वर्ष 2023-24 में सहकारिता विभाग ने सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को 777 करोड़ का ऋण केसीसी के माध्यम से स्वीकृत कराया था। अब किसानों से ब्याज सहित इस ऋण की वसूली की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार विभाग ने 570 करोड़ रुपये की रिकवरी कर ली है। जबकि शेष राशि की रिकवरी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
एक लाख से अधिक ऋण लेने वाले 400 से अधिक किसान ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक ऋण जमा नहीं किया है। इन किसानाें को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि वह 30 जून तक ऋण जमा नहीं करते हैं तो इन्हें डिफाल्टर घोषित करते हुए आरसी जारी कर दी जाएगी।
रविवार को एआर को-ऑपरेटिव अमित कुमार त्यागी ने गुलावठी जिला सहकारी बैंक में पहुंचकर ऋण वसूली की समीक्षा करते हुए कर्मचारियों को तेजी से वसूली करने के निर्देश दिए। बताया कि वसूली में सबसे आगे जिले की सिकंदराबाद तहसील है यहां पर 81 फीसदी ऋण किसानों से वसूला जा चुका है। उन्होंने बताया कि जनपद की सभी शाखा एवं विभाग के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वह वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। शत-प्रतिशत वसूली 30 जून तक होनी है।
तहसील स्तर पर अभी तक हुई ऋण की वसूली
सिकंदराबाद 81 प्रतिशत
डिबाई 70 प्रतिशत
अनूपशहर 62 प्रतिशत
स्याना 77 प्रतिशत
शिकारपुर 67 प्रतिशत
बुलंदशहर 77 प्रतिशत
जिले में किसानों से वसूली चल रही है। किसानों को बैंकों से ऋण दिलाया गया था। 30 जून तक सभी किसान अपना ऋण जमा कर दें। 777 करोड़ के सापेक्ष 570 करोड़ की वसूली कर ली गई है। - अमित कुमार त्यागी, एआर को-ऑपरेटिव