एनजीटी के आदेश के बाद भी प्रदूषण फैला रहे 10-15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों के संचालकों में से अधिकतर ने न तो एआरटीओ से एनओसी प्राप्त की है और न ही एनसीआर से बाहर वाहनों का पंजीकरण ही कराया है। ऐसे में एआरटीओ प्रशासन ने ऐसे 34000 वाहन स्वामियों को नोटिस भेजा है।
जनपद में 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहन 21,275 और 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों की संख्या 15925 है। डीजल चलित 493 प्राइवेट बसें भी हैं। एनजीटी ने पर्यावरण और प्रदूषण के लिहाज से 10-15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों को एनसीआर की सीमा से बाहर करने का आदेश दिया था।
एनजीटी के आदेश के क्रम में जून-2015 में वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिया था। नोटिस के बाद तीन हजार वाहनों को एनओसी प्रदान की गई। अभी भी 34 हजार वाहन ऐसे हैं जो एनसीआर में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा रहे हैं।
मनमानी के कारण पुन: नोटिस की कार्रवाई की गई है। एआरटीओ सुरेंद्र सिंह ने 10-15 वर्ष पुराने डीजल पेट्रोल वाहनों के मालिकों से नोटिस भेज आला अफसरों को अवगत करा हिया था। 10-15 वर्ष पुराने वाहनों का एनसीआर में संचालन पर्यावरण के लिहाज खतरनाक है।