सरकारी खजाने से लाखों खर्च करने के बाद भी जिले के 8.99 लाख मतदाताओं तक‘स्वीप’ अपनी आवाज नहीं पहुंचा पाई। लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेने शनिवार को 8.99 लाख मतदाता बूथ की दहलीज तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि, आयोग की ओर से बूथों पर जरूरी इंतजाम किए गए थे।
दरअसल, बुलंदशहर विधानसभा में 3.81 लाख मतदाताओं में 1.29 लाख वोटर ईवीएम का बटन दबाने के लिए बूथ तक नहीं आए। इसी तरह, स्याना में 1.43 लाख, अनूपशहर में 1.30 लाख, डिबाई में 1.24 लाख, शिकारपुर में 1.14 लाख मतदाता वोट देने नहीं आए।
वहीं, सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर 3.75 लाख मतदाताओं में 2.42 लाख वोटरों ने मतदान किया। यहां 1.32 लाख वोटर वोट नहीं दे पाए। खुर्जा में 1.22 लाख वोटर वोट डालने नहीं पहुंचे। कुल मिलाकर 24.93 लाख मतदाताओं में से 15.94 लाख वोटर ही वोट की चोट कर पाए। सातों विधानसभा सीटों पर 8.99 लाख वोटर्स ने मतदाता बूथों का रूख नहीं किया। पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में वोट करीब चार प्रतिशत ही बढ़ सका।
स्वीप के तहत लाखों खर्च
स्वीप कार्यक्रमों में आयोग ने वोटर को प्रेरित करने के लिए लाखों रुपयों का फंड जारी किया था। लेकिन लाखों मतदाताओं तक स्वीप अपनी आवाज नहीं पहुंचा पाई। स्वीप के तहत मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। विधानसभा चुनाव-2012 के मुकाबले इस बार करीब चार प्रतिशत वोट अधिक डाले गए।
लक्ष्य 75 प्रतिशत से अधिक का था। लक्ष्य साधने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए गए। - जसजीत कौर, प्रभारी स्वीप/सीडीओ