बुलंदशहर। जिलेभर में दिवाली पर हुई आतिशबाजी से शहर का ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ा है। हालांकि पिछले सात साल में इस बार शहर का ध्वनि प्रदूषण कम रहा। बृहस्पतिवार रात आठ बजे से ध्वनि प्रदूषण बढ़ना शुरू हुआ जो रात 12 बजे के बाद थमा। सर्वाधिक ध्वनि प्रदूषण बृहस्पतिवार रात नौ बजे 71.6 डेसीबल तो रात 10 बजे 79.5 डेसीबल मापा गया। बृहस्पतिवार को औसतन 65.85 डेसीबल रहा।
क्षेत्रीय प्रदूषण विभाग द्वारा नजर की रेजिडेंशियल काॅलोनी यमुनापुरम में ध्वनि प्रदूषण को मापने के लिए मशीन लगाई गई। विभागीय अफसरों के अनुसार रात भर पटाखे फोड़ने से जहां हवा जहरीली हुई तो गंभीर ध्वनि प्रदूषण हुआ। अवर अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि पिछले सात वर्षों की तुलना में इस बार दिवाली पर सबसे कम आतिशबाजी हुई। ध्वनि का स्तर रेजिडेंशियल में सामान्य 50 डेसीबल, कॉमर्शियल में 60 डेसीबल, सेंसटिव में 45 डेसीबल होना चाहिए। दिवाली पर शहर का ध्वनि प्रदूषण 65.85 रहा जो 15 फीसदी अधिक रहा।
इस तरह बढ़ता गया ध्वनि प्रदूषण
समय : ध्वनि प्रदूषण डेसीबल में
शाम छह बजे से सात बजे तक : 51.7
रात सात बजे से आठ बजे तक : 54.6
रात आठ बजे से नौ बजे तक : 67.4
रात नौ बजे से दस बजे तक : 71.6
रात 10 बजे से 11 बजे तक : 79.5
रात 11 बजे से 12 बजे तक : 70.3
पिछले सात वर्षों का ध्वनि प्रदूषण
वर्ष : ध्वनि प्रदूषण डेसीबल में
2018 : 84.58
2019 : 86.06
2020 : 86.25
2021 : 80.06
2022 : 75.47
2023 : 67.45
2024 : 65.85
इस बार ध्वनि प्रदूषण पिछले वर्षों की अपेक्षा कम रहा है। हालांकि यह सामान्य से अधिक रहा। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी