15 दिनों से कैश मिलने की आश में रोज सवेरे आकर लाइन में लग रहे लोगों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बैंक के गेट पर ताला जड़ दिया और बैंक कर्मियों को बैंक के अंदर बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत किया और ताला तुड़वाकर कर्मचारियों को मुक्त कराया।
नगर के बैंक ऑफ इंडिया के बाहर लाइन में खड़े विनोद कुमार, सोमवीर, इरशाद, हरी किशवर सिंह, ठाकुर बास, राहुल, चरणदास, रेखा, लाली, शगुफ्ता, सुषमा, कृष्णा शर्मा, आदि ने बताया कि बैंक के बाहर लाइन में खड़ा होने वाला हर आदमी कोई मजदूरी करता है। कोई फैक्ट्री में नौकरी करता है। किसी का अपना छोटा मोटा कारोबार है। कोई प्राथमिक विद्यालयों की रसोई में खाना बनाता है।
पिछले 15 दिनों से सभी करेंसी मिलने की आस में सभी अपना काम छोड़कर सवेरे ही बैंक की लाइन में लग जाते है। वहीं बैंक अधिकारी बैंक खुलते ही नो-कैश का नोटिस चस्पा कर देते है।
शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों ने जैसे ही ना ेकैश का नोटिस चस्पा किया तो लाइन में लगे लोगों ने हंगामा करते हुए बैंक के गेट पर ताला जड़कर कर्मचारियों को बैंक के अंदर बंधक बना लिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मुश्किल से लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया और बैंक का ताला तुड़वाकर कर्मचारियों को मुक्त कराया।
नगदी न मिलने पर पीएनबी गेट पर हंगामा
पंजाब नेशनल बैंक सब्जी मंडी शाखा में दो दिन से कैश नहीं पहुंचने से आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार सुबह बैंक गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद जब कर्मचारी बैंक पहुंचे तो अंदर नहीं जाने रोक दिया। साथ ही बैंककर्मियों पर मनमाने तरीके से कैश बांटने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक उदयवीरसिंह ने लोगों को समझा बुझाकर बैंक गेट का ताला खुलवाया।
शुक्रवार को पीएनबी, एचडीएफसी, इलाहाबाद, केनरा आदि बैंको में कैश नहीं आया। जिससे लोग काफी इंतजार के बाद घर लौटने को मजबूर हुए। पीएनबी के प्रबंधक शरद कुमार ने बताया कि बैंक रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार लेनदेन का काम कर रहा है। कांग्रेस नेता पद्मा चतुर्वेदी ने कहा कि लाइनों में लगने के बाद लोग बिना कैश लिये लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
कैश के लिए करेंसी चेस्ट को मैल की गई थी। चेस्ट के अधिकारियों ने 21 दिसंबर तक कैश नहीं मिलने की बात कही है।
-एके सक्सेना, मैनेजर, बैंक ऑफ इंडिया।
कैश नहीं मिलने पर कुछ लोगों ने बैंक ऑफ इंडिया पर हंगामा किया था। जिन्हें समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया।
-जितेंद्र कुमार, कोतवाल
शोपीस बनकर रह गए शहर-देहात के एटीएम
44 करोड़ रुपये बुलंदशहर को मिलने का एटीएम पर कोई असर नहीं पड़ा। नगर के अधिकांश एटीएम कैशलेस दिखे। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि शहर और देहात के लोग बैंकों और एटीएम की लाइन में लगे हैं। खाली एटीएम ने आम आदमी को कैसा दर्द दिया इसका हाल जानने के लिए अमर उजाला टीम एटीएम पर पहुंची।
पैसा नहीं मिलने पर भड़के सफाईकर्मी
कई दिन कतार में खड़ा रहने के बावजूद खाते से वेतन ना निकलने और बैंक प्रबंधक की अभद्रता से आजिज नगर के सफाई कर्मचारियों ने बैंक के सामने हंगामा और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने नगर में व्यवस्था के खिलाफ जुलूस निकाला और बैंक के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दिया। पुलिस ने प्रबंधक से आश्वासन दिलाकर धरना समाप्त कराया।
सफाईकर्मी संघ के धरने को किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड डीपी सिंह, जिला सचिव जगबीर सिंह भाटी और सीपीएम के सचिव चन्द्रपाल सिंह ने भी समर्थन दिया। हंगामा और नारेबाजी बढ़ने के बाद सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत करा दिया। पुलिस की मध्यस्था के बाद बैंक प्रबंधक ने सफाईकर्मियों को दो दिन के भीतर वेतन देने का आश्वासन दिया है।
इस मौके पर चेयरमैन ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन शाखा प्रबंधक को दिया। बैंक प्रबंधक वेदराम सिंह ने बताया कि कैश कम आ रहा है पैसा निकालने वाले ग्राहक अधिक हैं। इन परिस्थितियों में सभी ग्राहकों संतुष्ट नहीं किया जा सकता ।
धरने में नानक सिंह वाल्मीकि, राजकुमार, बिहारी सिंह, शीशपाल सिंह, रानी देवी, रजनी सिंह, लक्ष्मी देवी, राज बाला, संतोष कुमारी, दयावती, पुष्पा देवी, कामरेड रतन सिंह, आशिक अली, कासिम चौधरी, राजू मलिक , बाबू कुरैशी, सुशील सक्सेना, हरेंद्र सिंह, निजाम अली, बुद्धि लोधी सहित काफी लोग मौजूद थे।