कई दिनों से चक्कर काटने के बावजूद डाकघर से पैसा न निकलने पर अनेक खातेदारों का सोमवार को उस समय धैर्य टूट गया, जब पोस्टमास्टर ने पैसा न होने की बात कही। खातेदारों ने हंगामा खड़ा कर दिया। डाकघर पहुंचे सहायक डाक अधीक्षक (एएसपी) से भी खातेदारों की नोकझोंक हुई। इससे पूर्व स्थानीय पोस्टमास्टर से भी खातेदारों की झड़प हुई थी।
उधर, पोस्टमास्टर मुकेश कुमार अग्रवाल का कहना है कि हेड आफिस से पैसा नहीं आ रहा। उधर, सहायक डाक अधीक्षक ने लोगों की शिकायत के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मालूम रहे कि मजदूर और गरीब तबके को लोगों ने डाकघरों में अपने बचत खाते खुलवा रखे हैं।
इसमें जमाधन निकालने के लिए वे आजकल डाकघर जाते हैं तो वहां कैश न होने का बात कहकर उन्हें बैरंग लौटा दिया जाता है। ऐसे लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
बोले उपभोक्ता
एक रिटायर्ड फौजी ग्राम कुरली निवासी जसवीर सिंह ने बताया कि उसे खाते से 21 नवंबर को केवल चार हजार रुपये दिए गए थे। इसके बाद वह रोजाना लाइन में आकर लग रहा है। घर में दवाई के लिए भी पैसे नहीं हैं।
ग्राम बरमदपुर निवासी नरेंद्र सिंह मेहनत मजदूरी करके अपने घर का गुजारा करते है, उसने बताया कि दस नवंबर से वह रोजाना डाकघर में आ रहा है, परंतु उसे डाकघर में पैसा न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है।
गुलावठी निवासी कंछी लाल सीनियर सिटीजन हैं, उनका कहना है कि केवल एक हजार रुपये ही दिए हैं, उनसे क्या होगा। घर खर्च केलिए अधिक पैसे की जरूरत है लेकिन डाकघर वालों ने नियम का हवाला देकर उन्हें बेबस कर दिया है।