फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bulandshahar News: प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या, शव खंडहर में फेंका

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। क्राॅसिंग रिपब्लिक के गांव बहरामपुर में खंडहर में बदल चुके मकान में 22 दिसंबर को 28 वर्षीय युवक का शव मिलने के मामले का पुलिस ने बुधवार को खुलासा हो जाने का दावा किया। पुलिस का कहना है कि शव बाइक टैक्सी चलाने वाले शिवम उर्फ सोनू का था। उसकी हत्या पत्नी प्रियंका ने प्रेमी गर्जन यादव के साथ मिलकर की थी। दोनों चादर में लपेटकर शव को ले गए थे और खंडहर में फेंक आए थे। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद हो गया है।
विज्ञापन

एसीपी वेव सिटी सलोनी अग्रवाल ने आरोपियों से की गई पूछताछ के हवाले से बताया कि प्रियंका की गर्जन यादव से नजदीकी का सोनू विरोध करता था। इसीलिए, दोनों ने उसकी जान ले ली। सोनू मूल रूप से जालौन के गांव नागर का निवासी था। गर्जन बलिया के गांव सइया का है। तीनों छह महीने से बहरामपुर में प्रमोद दीक्षित के मकान में किराये पर रह रहे थे। इससे पहले नोएडा में रहते थे।
प्रियंका से पहले 2015 में सोनू की शादी हेमू से हुई थी। उससे दो बच्चे हुए। इसके बाद वह प्रियंका के संपर्क में आया। दोनों ने 2019 में प्रेम विवाह किया। प्रियंका ने पुलिस को बताया कि गर्जन यादव गाजियाबाद में ही मजदूरी करता है। वह उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे बहुत नजदीकी हो गई। दोनों ने साथ रहने की कसम खा ली।
विज्ञापन

वह मार्च में सोनू को छोड़कर गर्जन के पास उसके घर बलिया चली गई थी। सोनू ढूंढते हुए वहां पहुंच गया और साथ चलने के लिए कहा। प्रियंका का कहना था कि वह इस शर्त पर लौटी कि गर्जन यादव भी उनके साथ में रहेगा। बच्चों की खातिर सोनू उस समय तो राजी हो गया, लेकिन उससे यह बर्दाश्त नहीं हो रहा था कि पत्नी किसी और मर्द को घर में साथ रखे। इसी पर आए दिन झगड़ा होता था। झगड़े से आजिज आकर हत्या की साजिश रची और अंजाम दिया।


पति की छाती पर बैठकर घोंटा गला
पुलिस ने घटनाक्रम के बारे में बताया कि 22 दिसंबर की रात तीनों घर में ही थे। जब सोनू को गहरी नींद आ गई तो प्रियंका उसकी छाती पर बैठ गई और गला घोंट दिया। इसी दौरान गर्जन ने उसके पेट में चाकू से कई वार किए। उसकी मौत हो जाने पर दोनों ने शव को चादर में लपेट लिया और घर से थोड़ी दूरी पर ले जाकर खंडहर में फेंक आए। उन्हें आसपास कोई जानता नहीं था। मकान मालिक वहां रहता था नहीं था, इसलिए शव की पहचान नहीं हो पा रही थी। प्रियंका ने सोनू के मोबाइल फोन से सिम निकालकर अलग कर दिया था।



खून के धब्बों ने खोल दिया हत्या का राज
एसीपी ने बताया कि हत्या के इस मामले का खुलासा होना कठिन था। शव की शिनाख्त नहीं हो पा रही थी। उधर सोनू का मोबाइल कई दिन स्विच आफ रहने पर उसके भाई गुलशन ने गाजियाबाद आकर पुलिस से संपर्क किया। थाने में लगे शव के फोटो से उसने सोनू की पहचान की। इस पर पुलिस सोनू के घर पहुंची तो प्रियंका ने यह कहकर गुमराह करने का प्रयास किया कि वह खुद उसकी तलाश कर रही है लेकिन घर में खून के सूख चुके कुछ धब्बे नजर आने से पुलिस का माथा ठनक गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सोनू के शव पर जख्म मिले थे। पुलिस ने फील्ड यूनिट से धब्बों की जांच कराई तो स्पष्ट हो गया कि ये खून सोनू के ही हैं। इस पर प्रियंका और गर्जन से पूछताछ की गई तो खुलासा हो गया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें