बुलंदशहर। नगर समेत जिलेभर में लोगों की मस्ती के लिए करीब 50 स्विमिंग पूल संचालित हो रहे हैं। यहां न मानक पूरे हैं और न ही नियमों का पालन हो रहा है। ये सभी बिना पंजीकरण और बिना प्रशिक्षक के अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। वहीं, खुलेआम संचालित हो रहे स्विमिंग पूल की जानकारी पर भी जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
जिले में मार्च से निजी स्विमिंग पूल का संचालन शुरू हो गया। इनमें गर्मी बढ़ने पर लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। जबकि शासन के आदेशानुसार प्रत्येक स्विमिंग पूल संचालक को प्रत्येक साल पूल का संचालन करने से पूर्व सरकार के खाते में फीस जमा करनी होती है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीम स्विमिंग पूल का निरीक्षण कर मानक पूरे मिलने पर संचालन की अनुमति देती है। इसके साथ ही संबंधित को जिला क्रीड़ा विभाग में भी पंजीकरण कराना होता है। लेकिन जिले के एक भी स्विमिंग पूल संचालक ने जिला क्रीड़ा विभाग से कोई अनुमति नहीं ली है।
जिला क्रीड़ाधिकारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि जिले के किसी भी स्विमिंग पूल संचालक ने पूल को संचालन करने के लिए अनुमति नहीं ली है। इसके लिए जल्द ही स्विमिंग पूल का निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।