मोहल्ला रामनगर में छत पर गए एक छात्र पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। परिजनों ने छात्र को किसी तरह बंदरों के चंगुल से छुड़ाया। हमले में छात्र के सिर और शरीर पर जगह-जगह गहरे घाव हो गए हैं। छात्र का दिल्ली में उपचार करवाया गया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों के अलावा कुत्तों का भी आतंक बढ़ गया हैं।
मोहल्ला रामनगर, कोठी पड़ाव निवासी रहीस अहमद का छह वर्षीय पुत्र अंसाद स्थानीय टाऊन स्कूल में कक्षा एक का छात्र है। पिता रहीस अहमद ने बताया कि रविवार शाम को अंसाद घर की छत पर गया था। जैसे ही उसने जीने का दरवाजा खोला, तभी बंदरों के झुंड ने उस पर अचानक हमला कर दिया। अंसाद के चीखने-चिल्लाने पर परिजन छत पर पहुंचे और लाठी-डंडे से फटकार कर बंदरों को भगाया।
बताया कि एक बंदर ने अंसाद के सिर में बुरी तरह काट लिया। अन्य बंदरों ने हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में काट लिया। वह पुत्र को तत्काल सरकारी चिकित्सालय ले गए। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए एआरवी लगाने के बाद चिकित्सकों ने दिल्ली रेफर कर दिया। वहां पर उसका उपचार हुआ। बताया कि चिकित्सकों ने छह दिन बाद सिर की सर्जरी के लिए बुलाया है।
मोहल्ला निवासी अनवार अहमद, इरफान आदि ने बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। वहीं, गांव नया बांस में अपने घर के आंगन में बैठी महिला 60 वर्षीय कृष्णा को भी बंदर ने काट लिया। सोमवार को वह भी एआरवी लगवाने सीएचसी पहुंचीं। उधर, गांव गंगावली निवासी कलुआ को एक कुत्ते ने काट लिए। उन्होंने भी अस्पताल पहुंचकर एआरवी लगवाई।
बंदरों को पकड़वाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। फिलहाल पालिका की ओर से लंगूरों की व्यवस्था की जाएगी। - निहारिका चौहान, पालिका ईओ
सीएचसी में प्रतिदिन 35 से 40 लोगों को एआरवी लगाई जा रही है। बंदर व कुत्ते काटे जाने के 24 घंटे के भीतर पीड़ित एआरवी जरूर लगवाएं। गुलावठी क्षेत्र में बंदर व कुत्तों के आतंक होने की संभावना से नगरपालिका को पत्र भी लिखा जा चुका है। - डॉ. पवन मावी, सीएचसी अधीक्षक
गुलावठी के मोहल्ला रामनगर, कोठी पड़ाव निवासी बंदर के हमले में घायल छात्र अन्साद। संवाद