बुलंदशहर/सिकंदराबाद। मोहर्रम की पहली तारीख पर इमामबाड़ों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया। अजाखानों में या हुसैन की सदाएं गूंजती रही।
नगर के मोहल्ला काजीवाडा स्थित इमामबाड़ा अब्बास में मौलाना इकबाल हैदर ने हजरत इमाम हुसैन के चचेरे भाई हजरत मुस्लिम बिन अकील की शहादत को याद किया। उन्होंने मुस्लिम बिन अकील की शहादत का दिलसोज मंजर बयां किया। अजादारों को खिताब करते हुए कहा कि हरजत मोहम्मद साहब ने फरमाया कि मेरा हुसैन हिदायत का चिराग है। अजादारी इमाम की शहादत के बाद शुरू हो गई थी। जो कयामत तक जारी रहेगी। उन्होंने मदीने से इमाम हुसैन के काफीले का कर्बला पहुंचने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति एवं भाईचारे का मजहब है। बुलंदशहर समेत जनपद के अन्य इमामबाड़ों में भी मजलिसों का आयोजन किया गया। सोगवारों ने मर्सिया ख्वानी, मातम कर कर्बला के शहीदों को याद किया। संवाद