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सिस्टम बेपरवाह, टूट रही अपनों को पाने की आस

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missing child in bulandshahar from 15 years - फोटो : BULANDSHAHR
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डेढ़ दशक में लापता 74 बच्चों का नहीं लगा सुराग
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बुलंदशहर (विकास वत्स)। बीते 15 वर्षों में जनपदभर से 74 मासूम लापता हो चुके हैं। लापता मासूमों को बरामद करना तो दूर पुलिस उनका सुराग तक नहीं लगा सकी है। वेपरवाह सिस्टम के चलते परिजन भी अधिकारियों के दर पर भटकते-भटकते अपने लाल को पाने की आस खो चुके हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में जनपदभर से लापता होने वाले मासूम बच्चे- बच्चियों व किशोर-किशोरियों की संख्या बढ़ती जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपदभर में बीते कुछ वर्षों से मासूमों के लापता होने की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। हालांकि बीते दो वर्षों में पुलिस ने लापता मासूमों, किशोर व किशोरियों की बरामदगी भी की है, लेकिन 15 वर्षों से लापता 74 बच्चों का पुलिस अभी तक सुराग तक नहीं लगा सकी। इन मासूमों की जिले से तस्करी की गई है या फिर खुद ही यह बच्चे कहीं लापता हो गए हैं, इस बात का जवाब भी पुलिस अधिकारियों के पास नहीं है।
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हालांकि बीते दो वर्षों में पुलिस ने करीब दो दर्जन से अधिक लापता बच्चों को बरामद किया है , लेकिन कई मामलों में जांच ठंडे बस्ते में जा चुकी है तो कई मामलों की जांच काफी धीमी रफ्तार से चल रही है । परिजन अपने जिगर के टुकड़ों की बरामदगी के लिए अधिकारियों के दर पर चक्कर काट कर थक गए हैं और उन्होंने उनकी तलाश की आस भी छोड़ दी है । यदि पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपदभर के विभिन्न थानों से वर्ष 2018 व वर्ष 2019 में सर्वाधिक 13-13 बच्चे लापता हुए। आंकड़ों के मुताबिक गत 15 वर्षों में सर्वाधिक बच्चे और बच्चियां इन्हीं वर्षों में लापता हुए हैं।
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