जिला योजना की बहुप्रतीक्षित बोर्ड बैठक में सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया रहा। अध्यक्षता कर रहे खेलकूद, प्राविधिक शिक्षा और प्रभारी मंत्री रामसकल गुर्जर को सदस्यों ने घेरा तो उन्हें सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार की नहीं है। यदि ऐसा है तो अफसरों को सुधरने की जरूरत है। जितना सम्मान अफसरों को सपा सरकार में मिला है उतना किसी ने नहीं दिया। अफसर आजादी का गलत मतलब न निकाले।
इतना ही नहीं अवैध वसूली के दो मामलों में प्रभारी मंत्री और जिलाधिकारी को जांच का आदेश देना पड़ा। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शुरू हुई। विधायक खुर्जा बंसी पहाड़िया ने पंचायत राज विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुददा जोरशोर से उठाया। आरोप लगाया है कि शौचालय और लोहिया आवास के आवंटन की आड़ में लाभार्थियों से वसूली की जा रही है।
डीपीआरओ और प्रभारी मंत्री को बाकायदा इस मामले पर सफाई देनी पड़ी। सदन में बैठे अधिकांश माननीयों ने बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ट्रांसफर और समायोजन में चल रही अवैध वसूली का मुद्दा उठाया। इस पर जांच के आदेश दिए गए। जिला पंचायत सदस्य सुनील चरोरा ने गांव खालौर में विधवा महिला से अवैध वसूली का मामला उठाया। कहा कि मुन्नी पत्नी हसमुददीन के खाते में लोहिया आवास की धनराशि पहुंची।
मुन्नी से एडीएम 15 हजार रुपये मांग रहा है। इस मामले में डीएम ने जांच का आदेश दिया । सदस्यों ने प्रभारी मंत्री को उन्ही के विभाग के मुद्दों पर घेरा। सिकंदराबाद विधायक ने प्रत्येक गांव में प्ले ग्राउंड बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गांवोें में प्रतिभा की कमी नहीं है। सदन में ग्रामीण पेयजल मुद्दे पर खुली बहस हुई। सदस्यों ने एक एक कर कई गांवों के नाम बताए जहां टंकी तो खड़ी कर दी गई मगर पानी की सप्लाई शुुरू नहीं हुई।
एमएलसी नरेंद्र भाटी ने भी सांवली गांव का नाम गिनाया। एक्सईएन ने एक माह विजिट की बात कही तो माननीयों ने उसे गलत बताया। बैठक के अंतिम चरण में सदस्य सुनील चरोरा ने मिट्टी खनन का मामला उठाया। चरोरा ने कहा कि एक बुग्गी मिट्टी लाने पर किसानों को परेशान किया जाता है। अफसर और कर्मचारी किसानों से अवैध वसूली करते हैं,जबकि शासन से चार बुग्गी मिट्टी खोदने की अनुमति मिली है।
निजी लघु सिंचाई के प्रस्तावों पर 11 मिनट चर्चा चली। जिला पंचायत सदस्य सुनील चरोरा ने कहा कि गहरे और बोरिंग पंपसेट के लिए कोई व्यवस्था बजट में नहीं है। पंकज प्रधान ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों को कम से कम 10-10 हैंडपंप मिलने चाहिए।
खुर्जा विधायक बंसी पहाड़िया ने सिंचाई विभाग के बाबू और अधिकारियोें की संपत्ति की जांच कराने की मांग की। बोर्ड में बाढ़ नियंत्रण का फंड शून्य रखा गया है। विधायक अनूपशहर ने बाढ़ नियंत्रण के लिए फंड की व्यवस्था करने की मांग उठाई।
सड़क निर्माण पर करीब 15 मिनट तक बहस हुई। माननीयों का आरोप था कि अधिकारी प्रस्ताव बनाते समय उनकी प्राथमिकता का ध्यान नहीं रखतेे। विधायक अनूपशहर ने पर्यटन का बजट बढ़ाने की बात कही।
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री राम सकल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष हरेंद्र यादव, एमएलसी नरेंद्र भाटी, विधायक बिमला सोलंकी, विधायक बंसी पहाड़िया, विधायक गजेंद्र चौधरी, विधायक स्याना के प्रतिनिधि, डीएम, शुभ्रा सक्सेना, सीडीओ जसजीत कौर आदि मौजूद रहे।
जिला योजना की बोर्ड बैठक में 374 करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कोशिश रहेगी कि इस बार शासन से अधिकतम फंड विकास के लिए आवंटित कराया जाए।
- शुभ्रा सक्सेना, जिलाधिकारी बुलंदशहर