नई दवा नीति के विरोध में मंगलवार को जिले के मेडिकल स्टोर बंद रहे। ऐसे में मरीज और तीमारदार दवा के लिए परेशान रहे। जिलेभर में मेडिकल स्टोर संचालकों ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार से कानून वापस लेने की मांग की।
बुलंदशहर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसएशन और जिला रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले सभी मेडिकल स्टोर संचालक और दवा व्यापारियों ने मेडिकल स्टोर मंगलवार को बंद रखे। दवा विक्रेता अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए और वहां से कलक्ट्रेट पहुंचे।
जहां उन्होंने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और नए कानून को वापस लेने की मांग की। इस दौरान गौरव गर्ग, देवेश त्यागी, ब्रिजेंद्र स्वरूप गर्ग, राजा माथुर, तुषार अग्रवाल, तरुण मित्तल, रिंकू शर्मा, संजय साहनी, हरि गोस्वामी, अभिनव वर्मा, प्रदीप गोयल, विशाल गुप्ता, राजकुमार आदि शािमल रहे।
उधर, शिकारपुर में चिकित्सकों के यहां लगी डिस्पेंसरी हड़ताल से दूर रहीं, जिसके चलते दवा विक्रेताओं की हड़ताल का मरीजों पर कोई ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया। अध्यक्ष पंकज गर्ग, महामंत्री महीपाल लोधी, कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी, महाराम चौहान आदि रहे।
गुलावठी, बुगरासी, स्याना, खानपुर, औरंगाबाद, दानपुर, डिबाई आदि में भी मेडिकल स्टोरों पर ताले लटके रहे। अनूपशहर में भी मांगों को लेकर मेडिकल स्टोर बंद रहे। इसके चलते मरीजों को दवाओं के लिए मुसीबत का सामना करना पड़ा। खुर्जा और सिकंदराबाद में भी दवा की दुकानें बंद रही।